बेवफा तो नहीं…

एक कवि हो कर
एक कवि का दर्द कहां समझते हो, प्यार करते हो मुझसे पर
मुझको कहां समझते हो ?
नींद में लेते हो तुम किसी और का नाम….!
बेवफा तो नहीं पर
वफादार भी नहीं लगते हो।

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