2 Comments

    1. बहुत अच्छा लगा कि आपने हमारी कविता को इतनी बारीकी से पढ़ा।

       परंतु समाज की नजरों से देखा जाए तो कुछ लोग प्रेम को गुनाह” ही समझते हैं।

Leave a Reply