अंजुमन

दिल के वीराने में एक अंजुमन
हम भी सजाते हैं।
जब भी होते हैं तन्हा आपको उसमें बिठाते हैं।
आप तो भूल गए हो यादें पुरानी,
आइये हम आपको याद दिलाते हैं..
सावन, नदियाँ पर्वत और पानी,
भूली बिसरी कुछ याद सुहानी।
मित्रता और मोहब्बत की कहानी,
एक गीत सुनाती हूँ, गीता की ज़ुबानी॥
____✍️गीता

Comments

5 responses to “अंजुमन”

  1. Sandeep Kala

    Very nice👌👌

    1. Geeta kumari

      Thank you

    1. Geeta kumari

      Thank you

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