आजकल के कुछ नेता जनता को क्यों मूर्ख समझते,
बुनियादी मुद्दों से हटकर राजनीति का रंग देते,
धर्म और जाति को लेकर राजनीति का रंग देते,
कभी मंदिर तो कभी मस्जिद कर हवाओं को गर्म करते,
कभी हिंदू मुस्लिम तो कभी सिख इसाई को
आगे करके हवाओं को गर्म करते,
कभी गाय को आगे करके राजनीति का रंग देते ,
कभी दलित को आगे करके हवाओं को गर्म करते ,
कहीं शिक्षा नहीं तो कहीं बिजली नहींं,
कहीं रोड नहीं तो कही पुल नहीं,
कहीं रोटी कपड़ा और पानी नहीं
तो कहीं मकान नहीं ,
फिर भी वोट के लिए भाषण से हवाओं को गर्म करते,
आजकल के कुछ नेता जनता को क्यो मुर्ख समझते,
बुनियादी मुद्दो से हटकर राजनीति का रंग देते|
Ajkal ke kuch neta
Comments
9 responses to “Ajkal ke kuch neta”
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कमाल
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Thanks
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Nice
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Thanks
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,🤔🤔
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Thanks
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वाह बहुत सुन्दर प्रस्तुति
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सही बात लिखी आपने
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Nice
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