सुखों का रास जो रच ले वही मधुवन ज़रूरी है ! लबों की प्यास जो रख ले वही सावन ज़रूरी है !! बहुत हम बंट के रह आए हमें ये सोचना होगा ! जहॉ सब […]

मन तुम्हारा गीत सा , पावन सुरीला ! तन मधुर मकरंद से, आवेष्टित ! भाव का भ्रम जाल है, चारो तरफ! कामनाओं से भरी, मनुहार हो तुम! स्वप्न का संसार हो तुम !! आर्य हरीश […]

वर्ष कलैंडर शाल हैं बदले ! किंतु न अपने हाल हैं बदले !! नये साल का शोर करो मत ! पेड़ों ने बस छाल हैं बदले !! थोड़ा चतुर हुई क्या मछली ! मछुवारों ने […]