मुक्तक

अगर है शौक़ कविता का तो ये उलझन ज़रूरी है !
किसी के प्यार में क़ुरबान हो जीवन ज़रूरी है !!

कई एक रोज़ से मॉ ने मेरा माथा नही चूमा !
मेरे माथे को मेरी मॉ का एक चुम्बन ज़रूरी है !!

Comments

7 responses to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. राम नरेशपुरवाला

    सुन्दर

  3. Abhishek kumar

    Good

  4. Abhishek kumar

    Hood

  5. Abhishek kumar

    Jai ho

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