Author: ज्योति कुमार

  • शायरी

    जब– जब जाता तेरे मोहल्ले मे ,
    तेरी वो अवाज की गुँज उठ जाता मेरे शीने मे।

  • शायरी

    इस तरह तेरे भवर मे मंडरा रहा हूँ,
    लग रहा की तेरी पायल की झन्यकार
    मेरे आगे– आगे मंडरा रहा हो

  • शायरी

    हर चीज की सही कीमत चुकाने की औकाद रखता हूँ ,
    लेकिन तेरी सही कीमत कोई लगाये तो।

  • शायरी

    इस मतलबी दुनिया मे सभी दौलत कमाते फिरते
    अगर इस दुनिया से मिला मुझे मजदुरी की रूप शिर्फ छाले।

  • शायरी

    आसमान देखते ही सिहर जाता,
    जब गुनहगारे पंछी को खुले आसमान मे फिरते देखता।

  • शायरी

    आसमान देखते ही सिहर जाता,
    जब गुनहगारे पंछी को खुले आसमान मे फिरते देखता।

  • शायरी

    ये सतरंज की दुनिया भी क्या गजब है,
    दो –डाई घर चलने वाले राजा और रानी कह लाते।

  • शायरी

    शायरी

    यूँ खिड़की से देखती हो मुझे,
    हाथ का फुल याद आ जाते
    और की दिल की छाले हरे हो जाते।

  • शायरी

    शायरी

    मै अपना कीमत नही जानता,
    तु अपना बता दे,
    अगर मै नही चुका पाया, तो मुझे गिरवी रख ले
    लेकिन !मेरे प्यार को लौटा दे

  • शायरी

    शायरी

    सपना मै तेरे पीछे भागता आया,
    तु हाथ मेहदी दुसरे के नाम रचा लाया

  • शायरी

    शायरी

    हरेक गुनाहे की कीमत चुका लूँगा,
    भड़ी अदालत मे गीता की कसम खाकर तेरी ये गुहाने की सजा दिलवा दूँगा

  • शायरी

    शायरी

    बहुत देर से खड़ा हूँ तेरे पर ,
    कोई है तो सुनो—
    कह दो उन्हे जाकर जख्म पर पट्टी बधवाने आया हूँ तेरे दर पर

  • शायरी

    शायरी

    बहुत देर से खड़ा हूँ दर पर,
    सुना है मेरी ख्याबो की दबा मिलता है ,
    तेरे दर पर।

  • शायरी

    शायरी

    इस तरह नही नैने चार कर ,
    वरना फिर से दिल का मरीज बन जाऊँगा

  • आसमान

    आसमान देखते ही सिहर जाता है,
    गुनहेगार पंछी को जब खुले आसमान मे देखता हूँ।

  • शायरी

    मेरी ये हालत को देखकर सब दिवाने कहते,
    मेरी नजरो से पुछ तेरे ही आँख से मिली थी मेरी आँख ,
    इसलिए मै तेरा दिवानगी करते फिरते।
    Jp Singh

  • शायरी

    मत हँस जवाने मेरी हालत पर,
    मैने भी दो हाथ ,दो पैर साथ लाया।

  • शायरी

    क्या कहूँ इस जवाने से मै,
    मेरी इस दशा को देखकर जब अपने ने छोड़ दिये,
    तो क्या कहूँ परवाने से !जवाने से।

    Jp singh

  • शायरी

    किससे सिकवा करू, किस से गिला करू,
    जब अपना ही नही समझा तो किससे कुछ बात करू।
    Jp singh

  • शायरी

    मत पुछ भबड़ मुझे से तेरी क़्या हालत है,
    जैसे तुने बनाई वही तो मेरी हालत है।
    Jp singh

  • शायरी

    जब-जब तु पास आती क्यो शरमाती हो,
    मैने तो तुम्हारी बड़ी–बड़ी आँखो से प्यार किया
    क्यो शरम के मारे हाथ से आँख ढ़क लेती हो

  • शायरी

    कोई उस दर का नाम बता दे,
    जहाँ जाने पर मन्नत पुरा होता।
    मै भी जाना चाहता,
    क्योकि मै अकेला रहता।
    मै भी अपना जोड़ी चाहता

  • शायरी

    मेरी जवानी, मेरी पहचान !मेरा अपना नही है,
    जिसने इस काबिल मुझे बनाई वो दुनिया मे नही है।

  • शायरी

    ये जालिम मै अपने दिल के टुकड़े को पहाड़ लूँगा,
    लेकिन सुन ले इसके बाद तुम्हारा क्या होगा।

  • शायरी

    मै शिर्फ बेरोजगार हूँ,, बेकार नही यारो,
    अगर मै मर भी जाऊँगा, मेरा कीमत कम नही होगा यारो।
    Jp singh

  • शायरी

    ये मेरी ख्वाब अपना नही हो पाया,
    क्योकि रिश्ते दौलत की तलवार ,हवा की रूख बनाती है।

  • शायरी

    इस शहर मे मेरा कोई नही अपना है,
    शिर्फ मेरी तन्हाई ,मेरी चिल्लाहट की घुँज मेरी बेचैनी—-
    मेरा अपना है
    Jp singh

  • शायरी

    अगर पैसा से सब कुछ खरीदा जाता ,
    तो !मेरे पास मेरी ख्याबो की रानी रहती।
    Jp singh

  • शायरी

    मेरी बेचैनी का कोई दवा बता दे,
    या उस शहर का नाम बता दे।

  • शायरी

    मै बीमार हूँ बर्षो से,
    इसकी दवा मेरे शहरो मे नही मिलती,
    अगर मिलती भी है उसकी शायद खिड़की बंद पडी मिलती

  • शायरी

    इस शहर मे सभी अजनबी है,
    लेकिन जिस शहर मे मेै आया हूँ,
    इस शहर के लिए मै ही अजनबी है ।

  • शायरी

    हरेक के समाने अपने हारे हुए जख्म की कहानी मत कहो,
    ये फौलाद की वस्ती है ,अपनी कायरता की कहानी मत कहो ।

    JP singh

  • शायरी

    करोड़ो की मकान है मेरे पास
    लाखो की कमाई ,
    ना मेरे घर मे माँ है, ना किसी की परछाई.

    ज्योति
    मो–9123155481

  • शायरी

    हर चीज की सही कीमत चुकाने का औकाद है मुझमे,
    लेकिन उसकी सही कीमत कोई लगाये तो।

    ज्योति
    मो–9123155481

  • शायरी

    मै जिस शहर मे यहाँ किराये पर मकान मिलती,
    पैसे से पानी मिलती,दुध मिलती?
    लेकिन जिस की खोज मे हुँ वो शायद नही किराये पर मिलती नही पैसे पर मिलती!

    ज्योति
    मो–9123155481

  • शायरी

    शायरी

    तेरे जाने से इस तरह मेरे जिन्दगी मे विऱान आ गई,
    जिस तरह गघा को पैर छानकर कोई परती जमीन मे छोड़ दी जाती।

  • शायरी

    ये आँखे हर पल तेरा इंतजार करती,
    मेरे जेहनो दिमाग मे हर पल तेरे इनकार का जबाब गुँजती रहती

  • आँसु तेरे नाम की।

    आँसु तेरे नाम की।

    मेरे जेहनो दिमाग पर ,,
    हर पल कुछ तेरे याद पहरा सा है।
    देख ले आकर जालिम,,
    मेरे गाँव मे आशुफ्ताम व्यस्थित इंतजार आँसु तुम्हारे नाम का है।।

    ज्योति
    मो–9123155481

  • राजनीति मत कर, राजनीति मत कर

    राजनीति मत कर, राजनीति मत कर

    राजनीति मत कर, राजनीति मत कर।
    राजनीति मत सब जान बुझ कर तु,
    बनी, बनाई, बात बिगाड़ मत तु,,
    रोता है मेरा दिल ये जानकर की गलत-फहमी
    मे अच्छे खासे रिश्ते बिगाड़ा है कल,,
    जब था मै अकेला जब नही था तुम्हार साथ उसका ही दिया साँस अभी धड़क रहा मेरे शीने मे,
    अब तु जो समझो छीन लो या जीने दो साथ,
    अगर कोई ज्यादा बात हुआ तो कह दो ना साफ।
    माँफ कर दे मेरी गलती और थाम ले मेरा हाथ, तेरी बातो से मुझे लगता अभी भी करती है तु मुझसे बेपनाह प्यार,
    इतना गुस्सा ठीक नही होगा मान लो ना मेरी बात ,
    वरना हो सकता है दोस्त — दोस्त मे विवाद।।।
    एक बार उसे भी माँफ कर दो”” दे –दो”” अपना पन का प्यार वो खुद ही घुट जायेगा,,
    दुनिया अपना पन पर तरसता और लुटा देता घर संसार।।

    ज्योति
    मो न० 9123155481

  • अब मै हार गया हूँ।

    अब मै हार गया हूँ।

    जिन्दगी की किश्ती सभाँलते– सभाँलते ,
    अब मै हार गया हूँ।
    क्या करू जिस दरिया मे चलती थी ,अपनी किश्ती वो दरिया मे ही गजब तुफान आ गयी।
    और मेरी किश्ती कहीं गुम हो गयी,,
    ये भगवान का पासा भी गजब है,
    जिसके पास सब कुछ है,उसकी किश्ती भी अमानत है,
    दरिया भी उसके तलबे चाटता,,
    अब जिन्दगी से हार गया हूँ
    आकर थाम ले कोई हाथ मेरा मौला,,
    जीने की चाहत मे मौत को पार गया हुँ ।
    रिश्ते –नशीब मेहनत सब अजमाये है
    मैने मौला।
    अब थोड़ी सी उन्यमुक्त गगन ,थोड़ी खुली आसमान दे दे।।
    अब इस मतलबी दुनिया से निकलना चाहता —
    थोड़ी सी मेरे पंख मे ऊड़ान दे दे
    थोड़ी खुली आसमान दे दे।

    ज्योति
    मो–9123155481

  • बेरोजगार

    बेरोजगार

    मै एक बेरोजगार हूँ,
    हाथ पैर रहते हुए भी लचार हुँ।
    बड़े बुजर्गों के समाने मै बेकार हुँ,
    क्योकि मै बेरोजगार हूँ।।
    अब अंतिम आसरा शिर्फ केवल बेरोजगारी भत्ता है,
    जिसकी निर्णयकार्ता 56 इंच सीने वाले है,
    नौकरी बन गई समाजिक हैसियत का पैमाना,
    नही मिलने पर दुर्लभ हो गया समाज मे जीना,
    रोज पड़ोसी वाला 4—5 ताना ।।
    इम्लाँयमेंट ,एक्सचेंज बन गया बेरोजगारो का सिवाला,
    दर पर माथे पटक ते पटकते निकल रहा निवाला।।
    गहन धुप हो या बरसात,
    मै बेरोजगार करता रहता हूँ एक ही बात,
    ये खुदा कही से नौकरी का बरसात कर दे।
    तमाम डिग्री लिए भीख माँग रहे,
    नौकरसाही के बच्चे नही परतीभा होने के बाबजुद नौकरी (पोस्ट) पर सिगरेट की धुँआ उडा रहे, और उड़ा रहे मजाक सरकारो की।
    और मै गरीब बेरोजगार भटक रहे है नौकरी की परवाहो मे,,
    ऐसे मे प्रभु हम गरीब बेरोजगार क्या करे,
    जीवन बीता दिए नौकरी पाने मे।।

  • ये मतलबी दुनिया ।

    ये मतलबी दुनिया ।

    ये मतलबी दुनिया मुझे,
    अपना नही लगती।
    लोग कहते है,मै मगरूर हूँ, “” घमण्डी हूँ।।
    जब कर दिया अपनो ने घायल,
    जब चिल्लाये दुनिया के समाने करवा दिया जब गलती का एहसास,
    तब लोग कहने लगे मै पागल हूँ,,
    ऐ खुदा हार गया हूँ तेरी इस नाटक रूपी मंच से,
    मेरी आँख हर वक्त ऩई जिन्दगी की भीख माँगती,
    और ये आपकी मतलबी दुनिया मे पल रहे लोग—-
    कहते मै”” जिंदा”” हूँ ।।
    अपनो से हारी हूई एक खामोश “”हमलवार “”हूँ
    और लोग कहते की मै “”मतलबी”‘ हूँ////
    ये मतलबी दुनिया बहुत रूलया है ये खुदा, बहुत शिल्ला दिया ।
    ले–ले अब अपने चरणों मे ,
    हुआ हूँ अपनो से घायल ——
    अब ये दुनिया अपनी नही लगती।।

    ज्योति
    Mob–9123155481

  • पैसा

    पैसा तेरी गजब कहानी—-
    पैसे के लिए बीक रही “जिस्म और जवानी”;
    पैसे तेरी गजब कहानी’——-
    पैसे पर मिलते एक से एक”.. सुन्दर अप्सरा”हुस्न और जवानी; पैसे तेरी गजब कहानी।
    पैसे पर बीक रहे नौकरी और शिक्षाा;
    पैसा तेरी——
    पैसे पर बिक रही हजारो मुहँ बोली संबंध;
    पैसे तेरी गजब कहानी —–
    पैसे के लिए बदल गये जुबाँए और अदाएँ !
    पैसे तेरी अजब गजब कहानी।।
    जो दिन रात रहते थे साथ पैसे देखकर हो गये छुरी लेकर तैयार;
    इस पैसे की लालच भुला दी अपनो का लार प्यार।

    jyoti
    mob 9123155481

  • चाहत

    चाहत

    इस मतलबी शहर को छोड़कर भाग जाने का
    ” दिल चाहता”;
    लेकिन भाग कर कहाँ जाऊँ—–
    कही भी जाना होगा मतलबी शहर मे जाना होगा ।
    लग रहा इसी” नरक” मे जीवन बीताना होगा;
    बार–बार होती है ऐसी चाहत मौत के सिवा कोई ना मिला “रास्ता” दुसरा चाह।

    ज्योति

  • प्यार मे ना।

    प्यार मे ना कोई “”मजहब”‘ होता;
    ना ही कोई “”समाधी” की बात होता।
    .. प्यार वो दिम्मक है ;की आँख से होता और दिल मे उत्तर जाता ।।

  • किस पर विश्वास करू ।

    किस पर विश्वास करू ।

    किस पर विश्वास करू —-
    जो आज तक रास्ते दिखा रहे थे;;
    वही गुमराह करने लगे ।
    अपनो का नाटक करके वो मेरी मासुमी(चुप्पी) फायदा ले निकले।
    . किस पर विश्वास करू अब तो अपने ही आदमी भटकाने लगे;;
    पहले तो बताते थे “वो”–
    . रास्ते अच्छे है फिर हमको गुमराह करने लगे —
    .. किस पर विश्वास करू।।
    ………………….. मेरे दस्तुर मे कमजोरी नहीं
    लेकिन जिस पर पल– पल विश्वास किया वो ही पराये निकले;;
    इस तरह रास्ता भटका हूँ की रास्ते पे ना चलने के काबिल बचे ना ही घर लौट आने के काबिल बचे ।।
    . किस पर विश्वास करू___

    jyoti
    mob 9123155481
    .

  • दौलत रूपी आग।

    दौलत रूपी आग ने
    .. अपनो से कर दिया दुर।
    मैने भाई बनाना चाहा राम और लक्ष्मण जैसा;
    लेकिन दौलत रूपी आग ने बना दी भाई जैसे पवित्र “रिस्ता”–
    रावण और विभीषण जैसा।।
    jyoti

  • तरप

    तरप

    कल भी तेरी “चाहत “थी;
    आज भी तेरी चाहत है–
    . तु तो शिर्फ प्यार रूपी नाटक की।
    प्यारा मे मजबूरियाँ किसको ना होता
    ये मजबुरी रूपी खंजर चला दी मेरे शीने मे।।
    कल”” तरपता”” रहा;; आज भी तरप रहा हूँ।
    शिर्फ अन्तर इतना है की कल प्यार के लिए तरप रहा;
    आज शीने मे लगे खंजर के लिए तरप रहा हूँ ।

    jyoti

  • होठ से होठ।

    होठो को अपने होठ से चुमनन दे दे ।
    सुना है प्यार का रंग गहरा चढ़ता।।

  • पापा

    अगर देती जन्म “‘” माँ””
    चलना; सभलना सिखाते है पापा।
    . …………. जितना भी बच्चे फरमाइस करते;
    पुरा करते है पापा।
    अपना सारा अरमान कुचलकर; बच्चे के अरमान को पूरा करते पापा।।
    अपने बदन पर कपड़ा भले ना हो;_
    . बच्चे के बदन पर कपड़ा पुरा करते पापा —
    अपने आज तक बंद आसमान मे सोए नही
    …………….. बच्चे के घर पंखा लगाते पापा।।
    घर से दुर रहकर भी अपने कमी का एहसास नही नही होने देते इसी को कहते हे पापा।
    अपना सारा अरमान कुचलकर बच्चे के अरमान को पुरा करते पापा ।।
    please forgive me father did you not got.

    jyoti
    mob_9123155481

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