जिस माथे पे चमके, हिन्द का नाम उन्हें हिंदी से मिलता, हो प्रथम ज्ञान। जन भाषी भाव वही, पथ पावन हो की माँ हिंदी का हिन्द, में सावन हो। की माँ हिंदी का हिन्द, में […]

जिन्दा रहे मेरा हिंदुस्तान अद्भुत है जिसका गुणगान सशक्त युवा का प्रबल ईमान खुली हवा में भिखरा सम्मान हिमालय जैसा पर्वत तुझको शीश झुका करता प्रणाम.. सबसे प्यारा सबसे न्यारा समुद्र का ये अद्भुत किनारा […]

दो बूँद गिरा गया बादल महका है धरती का आँचल बन सर्द पवन लहराई मिट्टी की महक-महकाई सब काम काज रुक गए हैं बादल के आगे झुक गए हैं ममता ने ली है अंगड़ाई लो […]