जिन्दा रहे मेरा हिंदुस्तान
अद्भुत है जिसका गुणगान
सशक्त युवा का प्रबल ईमान
खुली हवा में भिखरा सम्मान
हिमालय जैसा पर्वत तुझको
शीश झुका करता प्रणाम..
सबसे प्यारा सबसे न्यारा
समुद्र का ये अद्भुत किनारा
जहाँ गाँधी में गंगा की धारा
कर्क पे चमकता सूरज हमारा
शहादत पर जो दे बलिदान
पलकें झुका आँखों से सलाम
रहे तिरंगा सबसे ऊँचा
समृद्ध भारत की बुलंद पहचान
जिन्दा रहे मेरा हिंदुस्तान
अद्भुत है जिसका गुणगान
© M K Yadav
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.