HINDUSTAN

जिन्दा रहे मेरा हिंदुस्तान
अद्भुत है जिसका गुणगान

सशक्त युवा का प्रबल ईमान
खुली हवा में भिखरा सम्मान
हिमालय जैसा पर्वत तुझको
शीश झुका करता प्रणाम..

सबसे प्यारा सबसे न्यारा
समुद्र का ये अद्भुत किनारा
जहाँ गाँधी में गंगा की धारा
कर्क पे चमकता सूरज हमारा

शहादत पर जो दे बलिदान
पलकें झुका आँखों से सलाम
रहे तिरंगा सबसे ऊँचा
समृद्ध भारत की बुलंद पहचान

जिन्दा रहे मेरा हिंदुस्तान
अद्भुत है जिसका गुणगान
© M K Yadav

Related Articles

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

तिरंगा

हमारा आन तिरंगा है, हमारा बान तिरंगा है। हमारा शान तिरंगा है, हमारा जान तिरंगा है।। हमारा धर्म तिरंगा है, हमारा कर्म तिरंगा है। हमारा…

Responses

New Report

Close