(गीत: माँ हिंदी)

जिस माथे पे चमके,
हिन्द का नाम
उन्हें हिंदी से मिलता,
हो प्रथम ज्ञान।

जन भाषी भाव वही,
पथ पावन हो
की माँ हिंदी का हिन्द,
में सावन हो।

की माँ हिंदी का हिन्द,
में सावन हो
हाँ माँ हिंदी का हिन्द,
में सावन हो।।

(महेश कुमार)

Comments

10 responses to “(गीत: माँ हिंदी)”

  1. Geeta kumari

    बहुत सुंदर रचना

    1. M K Yadav

      आप का अति-आभार कुमारी जी 😊👏👏

  2. सूक्ष्म पर गहरे भाव

    1. M K Yadav

      बहुत-बहुत धन्यवाद! साथ ही आप की समझ शक्ति को भी सलाम 👍👏👏👏👏

  3. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. M K Yadav

      शुक्रिया! शुक्रिया सतीश जी 🙏🙏👏👏

  4. This comment is currently unavailable

    1. M K Yadav

      धन्यवाद विवेक जी 👏👏👏

  5. Praduman Amit

    Very nice

    1. M K Yadav

      शुक्रिया अमित जी! धन्यवाद 👏👏👏🙏

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