तिनके से सिया ने रावण को डराया, तिनके में राम का स्वरूप दिखाया। श्रद्धा हो तो तिनके में भगवान बसते , नहीं तो मूर्तियों में ही पाषाण दिखते। तिनको से पक्षियों का घर बन जाता, […]

आरोपों के कठघरे में खड़े हो चाहे, या प्रशस्ति पाने उठे हो पैर हमारे। प्रशंसाओं में कभी हम फूले नहीं, इल्जामों से चिंताओं में डूबे नहीं। कभी कभी पीठ पर खंजर भी खाए, पर कभी […]

सावन की कमी पूरी हो गई, भादों में वर्षा की झड़ी हो गई। बदरा गरज गरज कर बरस रहे , निर्मल झरने कल कल कर बह रहे। बिजली चम चम कर चमक रही, मयूरी छम […]

एक असुर के घर पर जनमा हरि का भक्त महान, उसने मां के गर्भ में ही ले लिया भक्ति का ज्ञान। आयु में छोटा था,नाम प्रहलाद था, किन्तु हरि पर उसको अटूट विश्वास था। कोई […]

दुनिया पर आ पड़ी है विपदा भारी, चारो ओर से घेरे हुए है भीषण महामारी। चारो और संकटकाल का दौर है, सुपरपावर भी बिल्कुल मजबूर है। अर्थव्यवस्था का हाल बिल्कुल नीचे है, जैसे कछुआ गाड़ी […]

अभिमन्यु वध से व्याकुल अर्जुन जयद्रथ की कायरता  सुनकर के क्रोध से जल उठा। जल रही प्रतिशोध की आग को शांत करने चीखकर प्रतिज्ञा कर उठा । या तो सायंकाल तक जयद्रथ का मस्तक – […]

मैं सैनिक हूं, मैं देश को संभालता हूं, हर रोज मृत्यु को मारता हूं, मैं मौत से नहीं डरता हूं, मौत को तो मुठ्ठी में लेकर चलता हूं, परिवार की चिंता नहीं करता हूं, परिवार देश […]

शब्दों की सीमा लांघते शिशुपालो को, कृष्ण का सुदर्शन दिखलाने आया हूं,                                  मैं देश दिखाने आया हूं।। नारी को अबला समझने वालों को, मां काली का रणचंडी अवतार याद दिलाने आया हूं,                          मैं […]

है बुद्धिदाता,बुद्धि का सबको दान करो। है चिंताहरण,संसार की सब चिंता हरो। है विघ्नहर्ता ,सृष्टि के सब विघ्न हरो। है पापहर्ता ,नर नारी के सब पाप हरो। है वक्रतुंड,निर्विघ्न सब मेरे काज करो। है सूर्यकोटि,दूर […]

सृष्टि कल्याण को कालकूट पिया था शिव ने, मैं भी जन्म से मृत्यु तक कालकूट ही पीती हूं।                                                    मैं स्त्री हूं।                                              (कालकूट – विष) मचा था चारों ओर घोर त्राहिमाम जब,कोई ना था […]

वो मां का हाथ पकड़कर चलना, वो दौड़कर भाई का पकड़ना। वो दादी के किस्से कहानी सुनना, वो धागे में हाथ पिरोना। वो गर्मी में नानी के घर जाना, वो मामा का गोद में उठाना […]

हे दीनबंधु,परमपिता परमात्मा, करते हम तुमसे बस यही प्रार्थना, सच्ची आजादी दिला दो तुम , एक ऐसा देश बन दो तुम। बेटियां जहां कोख में ही ना मारी जाती हो, हर घर में हर नारी […]

एक प्यारा सा सपना! है जिंदगी, तेरी जुल्फों का लटकना !है जिंदगी, तेरी आंखो का काजल! है जिंदगी, मैने कहा तू मेरी! है जिंदगी। तेरे पैरो कि पायल, हैं जिंदगी! तेरे हांथो का कंगन, है […]

मध्य प्रदेश की राजनीति का खेल बड़ा निराला था, पांच साल की सत्ता को दो वर्षो में ही मारा था। महाराज के सारे सपने एक वर्ष में टूट गए, महाराज कांग्रेस से बिल्कुल देखो रूठ […]