PANKAJ PRINCE, Author at Saavan's Posts

पहचान

बेकद्रों की महफ़िल मे कद्रदान ढूंढ रहा हूँ अनजान लोगो मे अपनी पहचान ढूंढ रहा हूँ अंधेरा करने वालों से रौशनी की मांग कर रहा हूँ काली हुई रात मे रोशन जहान ढूढ रहा हूँ मशगूल है सब अपने मे किसको किसकी फ़िक्र है बेफिक्र ज़माने मे अपना फ़िक़्रदान ढूंढ रहा हूँ करूँ किस पर कितना एतबार अब इस जहाँ मे एतबार करने वाले ऐसे इंसान ढूंढ रहा हूँ कदम कदम मिला कर चलने वाले कहाँ गये बारिश मे उनके क़दमों के निशान ढूंढ रहा ह... »

सम्बन्ध

रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है, अपनों के बीच यह कैसा नफ़रत का फूल खिला है गुलिस्तां महकता था कभी जिनकी किलकारियों से, खुश्बू बिखरती थी कभी बागीचे की फुलवारियों से सींचता था जो प्यार से उसे बिखरा चमन मिला है, रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है सच्ची चाहतों के भंवर मे फंसी यह कैसी जिंदगी है, इन पत्थर दिलो के लिए यह कैसी बंदिगी है मुझको भी क्यों ना बनाया उनसे यह गिला है, रि... »

कल किसने देखा कल आये या ना आये

जीवन संदेश कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला न जाये देख दुनिया की हालत अब तो तू संभल जा कहे रही तुझसे जो सरकार वह तू मान जा कल के लिए तू आज घर पर ही रहे जाये कल किसने देखा कल आये या ना आये साफ सफाई हाथ की धुलाई है जीवन आधार कर लो यह सब जो खुद के जीवन से है प्यार निकल कर बाहर तू कोरोना क्यों फैलाये कल किसने देखा कल आये या ना आये वक़्त है देश के लिए कुछ कर गुजरने को बन... »

मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा

मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा क्या यह ऐसे ही उजड़ा रहे जाएगा दो चार दिन को तो आते है सब पर जिसका इंतजार वह कब आयेगा इंतजार करते हुए थक सी गई है आंखियां उनके इंतजार मे सूनी पड़ी है गलियां बरसो हो गए पथ निहारते हुए क्या इस पथ अब कोई नहीं आयेगा मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा थक सी गई आँखे आसमान की तपिश से ठहर गई ज़िन्दगी उनके प्यार की बंदिश से अब तो प्यास बुझा दे ऐ मेरी ज़िन्दगी ना जाने वह कब प्या... »

अपमान

अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना गीता मैं यही और रामायण मैं और धर्म सभी यह कहते है जो त्यागी है वह त्याग करें हंस हंस कर सौ दुख सहते है त्याग का दीप जले मन मैं पल एक नहीं बुझने देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना जो प्रभु ने दिया ने दिया संतोष लेकर कुछ और मिले यह लोभ ना कर लोभ का दीप जले मन मे पल एक नहीं जलने देना जो कोई बुराई ते... »

कल किसने देखा कल आये या ना आये

कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला ना जाये देख परायी चुपड़ी तेरा मन क्यों ललचा जाय पास तेरे जो है तू उससे मन को समजाये रुखा सूखा जो कुछ है कही वह भी छूट ना जाए कल किसने देखा कल आये या ना आये आज तेरा है जो वह कल था और किसी का आने वाले कल मैं वह होगा और किसी का फिर उस जगह पर अपना हक़ क्यों जताये कल किसने देखा कल आये या ना आये करम किये जो तूने उसका फल भी यही मिलेगा आज नही... »

INQUIRY

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Holi

HOLI rango ki fuhar hai ya aapas ka yeh pyar hai holi to yaarow hum sab ke prem ka tyohaar hai rang birange chere sab ke par chadta na koi rang kar door gile shikwe rahe sab ek dooje ke sang durriyan mitata paas bulata saal ka yeh tyohar hai holi to yaarow hum sab ke prem ka tyohaar hai bikhri khushiyan ghar aangan main jo rang chale holi ka jeeja sali ka khel yeh saath jaise daman choli ka masti ... »