सच्चे मित्र की तलाश में , मैं इस तह तक जा लिया | सच्चा मित्र खोजते – खोजते खुद को ही पा लिया ||
सच्चे मित्र की तलाश में , मैं इस तह तक जा लिया | सच्चा मित्र खोजते – खोजते खुद को ही पा लिया ||
हर भारतीय के लिए खुशियों का मौका आया है चंदा मामा ने चंद्रयान को गले लगाया है भारत ने आज दुनिया को ये कर दिखाया है चाँद पर तिरंगा 🇮🇳 फहराया है
एक स्कूल कार्यक्रम में आए नेताजी से एक बच्चे ने ( बाल स्वभाव अनुरुप ) पूछा – ” नेताजी आप कहाँ खेलते हो तथा आपके पसन्द का खिलौना कौनसा है ? ” नेताजी बोले – […]
दुनिया क्या कहेगी ये सोचेगा तो रुक जाएगा सफलता के लिए तपना पडे़गा , जितना तपेगा उतना निखर जाएगा मेहनत के बल पर ये जमाना क्या आसमां भी तेरे आगे झुक जाएगा
आओ कुछ ऐसी होली मनाएं हर चेहरे पर मुस्कान ,हर घर खुशहाली आए छल कपट का इस होली में दहन हो जाए प्रेम रूपी गुलाल हर जन उड़ाएं हर रंग में ऐसा रंग मिले, हर […]
हर वक्त बदलती जिन्दगी, हर वक़्त बदलती ग्रहों की चाल है, अंकों के बदलने से कुछ नहीं होगा, बदलेगें जिस दिन हम उस दिन नया साल है
हे ईश्वर ! 2021 में ऐसा कुछ कमाल हो , गम सारे मिटे ,हर चेहरे पर मुस्कान हो , चारों तरफ से समृद्धि फैले , खुशहाल मेरा किसान हो कुछ ऐसा नया साल हो (1) […]
चारों तरफ से लोगों ने शोर मचाया हर अख़बार और टीवी चैनल पर आया देश का हर एक नागरिक चिल्लाया देश में चढ़ा कैसा ये खुमार है आज देश की राजनीति बीमार है इतना सुनते […]
नदियों में गंगा की, ध्वज में तिरंगा की , बात ही कुछ और है फलों में आम की, देवताओं में श्याम की , बात ही कुछ और है शादी में कार्ट की, फेक्लटी में आर्ट […]
यदि होती हमारी अपनी नारी तो क्या दुर्दशा होती हमारी देखती ये दुनिया सारी उसके कारण चढ जाती इतनी उधारी जिसे चुकाने में बिक जाती जमीन जायदाद सारी फिर जब हम गलियों से निकलते तो […]
ज़िन्दगी भर सहा जिसने अत्याचार, नारी और दलित का किया जिसने उध्दार , कलम था, जिसका हथियार वास्तव में वह था , साक्षात् ईश्वर अवतार
बेटियाँ घर का चिराग होती हैं, हर सुख रूपी गायन का राग होती हैं । माता -पिता के सुखी जीवन का भाग होती हैं, हो, जब बिछङन अपनों तो रोती हैं | बेटियाँ घर का […]
हिन्दू से पूछो , मस्लमां से पूछो , पूछना है तो सारे जहां से पूछो , सबका यही होगा कहना स्वर्ग से भी अच्छ है इस हिन्दुस्तान में रहना (संदीप काला)
हिन्दी में छंद हैं , अलंकार हैं | कवियों की कल्पना हैं, लेखकों के उद्गार हैं | दोहों की छटा है , रसों की भरमार है | कल्पना और यथार्थ है , नैतिकता भी अपार […]
ऋषि मुनियों की जिसकी धरती है स्वर्ग सी जो लगती है गंगा जहाँ पर बहती है दुनिया उसे भारत कहती है इस देश का होने की खुशी मैं मन में अपने भरता हूँ मैं भारतीय […]
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