हे ईश्वर ! 2021 में ऐसा कुछ कमाल हो , गम सारे मिटे ,हर चेहरे पर मुस्कान हो , चारों तरफ से समृद्धि फैले , खुशहाल मेरा किसान हो कुछ ऐसा नया साल हो (1) कोरोना का कहीं न नाम और न निशान हो ,
विश्व में सबसे आगे मेरा हिंदुस्तान हो, शौर्य और वीरता का प्रतीक देश का जवान हो, कुछ ऐसा नया साल हो (2) देश में न कहीं बेरोजगारी हो, भ्रष्टाचार मुक्त हर अधिकारी हो, दाग रहित नेता और राजनीति संस्कारी हो, जनकल्याण का ही हर तरफ सवाल हो, कुछ ऐसा नया साल हो(3) मानव मन से स्वार्थ मिटे, आपसी प्रेम और सद्भाव बढ़े, ” संदीप काला “की कलम में रचनात्मकता का रंग चढ़े , 2021 में बस धमाल ही धमाल हो, कुछ ऐसा नया साल हो (4)
कुछ ऐसा नया साल हो
Comments
19 responses to “कुछ ऐसा नया साल हो”
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आपकी सोंच बहुत अच्छी है
और हर नागरिक कुछ ऐसे ही
नव वर्ष की आशा रखता है
कवि की सुंदर कल्पना👌👌👌👌👏👏👏👏-

बहुत -बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी
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बहुत सुंदर कविता है संदीप जी और बहुत सुन्दर सोच ।keep it up
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शुक्रिया गीता जी
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बहुत ही शानदार कविता
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Thank you
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👌👌👌👌👌👌💯💯💯💯💯💯🥰🥰👏👏👏👏👏👏👏🌻🌻🌺🌺🌺🎁🎁🎁🎆🎇🎇🎆🎆🎇🧨✨✨
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SANDAR POEM BRO.
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🌻🌻 ATI Uttam Kavitha very good thinking🌺🌺🌺🌺🌺🌺👏👏👏👌👌🎇🎆🎆✨🎁🎁🎁🎁🎸🎸🎸📣🔉🔉🔈🎶🎶📱📲
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VERY NICE POEM
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बहुत खूब
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बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति, बहुत सुन्दर कविता
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Very very nice poem
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Nice
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Nice
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Super
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सर मैं तो कविता का विद्यार्थी मात्र हूँ, फोटो पर 2021 लिखा था इसीलिए मैनें तो छोटी -सी एक कोशिश की है, आगे कृपया मेरा मार्गदर्शन करें
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Super
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