मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूँ

ऋषि मुनियों की जिसकी धरती है स्वर्ग सी जो लगती है गंगा जहाँ पर बहती है दुनिया उसे भारत कहती है इस देश का होने की खुशी मैं मन में अपने भरता हूँ मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूँ शौर्य और वीरता हमारे पर्वजों की निशानी है हर व्यक्ति यहाँ का वीर और बलिदानी हैं विश्वगुरु है भारत, ये बात जग ने मानी है ऐसे प्यारे देश के लिए मैं जीता और मरता हूँ मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूँ किसान यहाँ के मेहनतवाले, उगाते स्वर्ण से दाने नारी यहाँ की त्याग की मूर्त, झलकती इनमें धरती माँ की सूरत इस देश की मिट्टी को मस्तक पर अपने धरता हूँ मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूँ हम सब का भाईचारा बढ़े, भ्रष्टाचार और आतंकवाद मिटे, भारत प्रगति के शिखर चढ़े, ऐसे सपने आँखों में हमेशा रखता हूँ मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूँ

Comments

12 responses to “मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूँ”

  1. Pratima chaudhary

    देश भक्ति भाव से प्रेरित बहुत ही सुंदर रचना

    1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

      धन्यवाद

  2. Geeta kumari

    Nice petreotic lines

    1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

      शुक्रिया

  3. जन्मभूमि भारतमाता के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाती बेहतरीन पंक्तियाँ है –
    ऋषि मुनियों की जिसकी धरती है स्वर्ग सी
    देश प्रेम से ओतप्रोत आपकी पंक्तियाँ काबिलेतारीफ हैं।

    1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

      कविता की सराहना करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद श्रीमान जी

  4. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    उत्तम

    1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

      आभार

  5. अति उत्तम

    1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

      बहुत आभार

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

      कोटि कोटि धन्यवाद

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