3 Comments

  1. जो कुछ दफ़न हुआ है आज
    आयेगा फिर कल
    धरती की परते उखेरता हुआ
    नये रूप में,
    शायद नये नाम से
    इक नई जिंदगी की शुरूआत बनकर

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