जगमगाया है जब खुशी का चराग़
गुल हुआ बज़्मे बेबसी का चराग़
था कभी वजह रोशनी दिल की
वो अमानत है अब किसी का चराग़
कोशिश की हैं बारहा लेकिन
बुझ गया मेरी आशिकी का चराग़
दिन निकलते हि छिप गया होगा
सिर्फ़ साथी थ तीरगी का चराग़
राहते दिल सुकून का हासिल
सब से बढ़कर है बन्दगी का चराग़
ज़ख्म दिल के उभर गयें आरिफ
जल गया शेरो शायरी का चराग़


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