जान भी तू है ज़िन्दगी तू है जाने जाँ जाने शायरी तू है खुश्बू-ए-इश्क से धुली तू है मेरी सांसो मॆं बस गई तू है रूबरू ख़्वाब मॆं हक़ीक़त मॆं मेरी रग रग मॆं दौड़ती […]

तुझको पा कर वो यूँ नहीँ खोती गर महब्बत हक़ीक़तन होती रिज़्क़ अपना वो साथ लाती है बोझ लड़की कभी नहीँ होती सीपियों से न वास्ता अपना दर्दे दिल के हैं खुशनुमाँ मोती लोग खुशियाँ […]

मिले वो ज़ख्म के सारे अजीब लगते हैं पराये अपने हमारे अजीब लगते हैं जो तुम थि साथ अँधेरे से दिल बहेलता था जो तुम नहीँ तो सितारे अजीब लगते हैं कली कि शक्ल से […]

ये पानी नहर का गहरा कहाँ है समंदर की तरह ठहरा कहाँ है छिपा सकते नहीँ हरगिज़ खुदा से हमारा दूसरा चेहरा कहाँ है हमारी दोसती बे शक़ है उनसे ताअल्लुक़ इस क़दर गहरा कहाँ […]

गिरते गिरते ही सम्भलते हैं सब फ़िर कहीँ आगे निकलते हैं सब ऐसे क़ाबिल तो नहीँ बनता कोई पहले जलते हैं पिघलते हैं सब कौन बच पाया हमें बतलाओ दिल जवानी मॆं फिसलते हैं सब […]

माँ… कितनी प्यारी प्यारी है माँ खुशबू है” फुलवारी है माँ मेरी पहली पहली चाहत मुझमें नज़र आई जो शबाहत मैं था जब नन्हा सा बच्चा कौन मेरी तक्लीफ समझता मुझको समझा मुझको जाना मेरी […]

जगमगाया  है जब खुशी का चराग़ गुल हुआ बज़्मे  बेबसी का चराग़   था कभी वजह रोशनी दिल की वो अमानत है अब किसी का चराग़   कोशिश की हैं बारहा  लेकिन बुझ गया मेरी […]

चाहिये तो जनाब ले जाओ मेरे ग़म बे हिसाब ले जाओ   सारी बातें तो आप ने कह दीं अब मेरा भी जवाब ले जाओ   रात में काम  जुगनूओं का है डूबता  आफ़ताब ले […]

ख़्वाब है या के  ख़्वाबो  की ताबीर है.. ज़िन्दगी इक पहेली की तस्वीर है..   है बदौलत  फ़कत अपने आमाल की अय नजूमी जो हाँथों में तहरीर है..   उम्र तिफ़्ली की  मौजे रवां जा […]

शाम ढ़लती गयी शम्अ जलती रही.. और तबीयत हमारी  मचलती रही  ..   मेरी हालत की उनको ख़बर तक न थी उम्र आहिस्त करवट बदलती रही   उनसे तर्के ताअल्लुक़ को अरसा  हुआ गोश-ए- दिल […]

मुस्कुराहट के सिवा कुछ शक्ल दिखलाता नहीँ. हाले दिल की कैफियत कोई समझ पाता नहीँ. ग़म लिपटता है हमेशा जिस्म से कुछ इस तरह पास रहती है खुशी पर मैं नज़र आता नही. वक्त़ तू […]