Jane kaha ja rahi aj ki pidhi

सभी मित्रों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

जाने कहां जा रही आज की पीढ़ी,
नए नए ढंग है इनके,
नई नई सोच है इनकी,
नया जमाना अब है इनका,
साड़ी सलवार पुरानी हो चुकी लड़कियों को,
चुड़िया दुपट्टा पुरानी हो चुकी लड़कियों को,
ऊंची हील की सैंडल है भाता इनको,
पैजामा कुर्ता पुराना हो चुका लड़कों को,
धोती कुर्ता न भाता इनको,
विदेशी हो गई है सोच इनकी ,
विदेशी हो गया है पहनावा इनका ,
छोटे कपड़े हो गए हैं इनके,
बाल भी रंग गए हैं इनके,
फटा जींस है फैशन इन का ,
बेढंगा कटा बाल है फैशन इनका,
ढंग बोलने का गजब है इनका.
अंग्रेजी का नशा है इनको,
हिन्दी की कदर नही इनको,
मुबाईल ही सबकुछ है इनका,
बुजुर्गों की कदर नहीं इनको |

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11 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - September 14, 2019, 6:00 pm

    सुंदर रचना

  2. राही अंजाना - September 14, 2019, 7:02 pm

    वाह

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 14, 2019, 9:02 pm

    वाह बहुत सुन्दर

  4. ashmita - September 15, 2019, 6:23 am

    Nice one

  5. Deovrat Sharma - September 15, 2019, 9:31 am

    नए ज़माने की नयी बात

  6. NIMISHA SINGHAL - September 16, 2019, 1:31 pm

    Good one

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