Kitni pyari hai ye dharti

कितनी प्यारी है ये धरती,
ऊपर अंबर ये नीले नीले,
नीचे हरियाली ये धरती,
ऊपर सूरज चंदा ये तारे,
नीचे जीव जंतु ये सारे,
ऊंचे पहाड़ ये प्यारे-प्यारे,
नीचे नदियां खाई ये गहरे,
ऊपर बादल ये काले काले,
नीचे ठंढे झील ये झडने,
इतने सुंदर ये बाग बगीचे,
छोटे बच्चे ये प्यारे प्यारे,
प्यारी प्यारी यै ठंढी हवाएं,
प्यारे- प्यारे ये बारिश के झोंके |


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3 Comments

  1. Ashmita Sinha - August 22, 2019, 2:51 pm

    बहुत सुंदर कविता

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 10:32 am

    वाह बहुत सुंदर रचना

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