MANOJ KUMAR

  • शानदार। यह कविता हमें जागरूक करती है कि हमने कितने कष्ट सहकर आजादी पाई।उन शहीदों का स्मरण करना बहुत आवश्यक हो जाता है आज जबकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से वेखबर होती जा रही है।कविता सामयिक है। बहुत बहुत बधाई सतीश जी।