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  • Mithilesh Rai posted an update in the group Group logo of हिंदी कवितायेंहिंदी कवितायें 8 months ago

    ख़्वाब टूटते हैं मग़र यादें रह जातीं हैं।
    चाहतों की दिल में फ़रियादें रह जातीं हैं।
    देख़तीं रहतीं हैं आँखें राहें मंज़िल की-
    वस्ल की भटकी हुई मुरादें रह जातीं हैं।

    मुक्तककार- #मिथिलेश_राय