हम उस शख्श से

September 3, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

हम उस शख्श से वफ़ा की उम्मीद कर बैठे

जिसने हर पल हमारी बर्बादियों की दुआ मांगी थी

मुन्तजिर है तेरा

July 17, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

हो सके तो फिर कभी लौट कर आना

पलकें बिछाये आज भी मुन्तजिर है तेरा।

मत पूछिएगा

July 17, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

मत पूछिएगा मुस्कराने का राज दोस्तों

हज़ारो गम हमने दिल में दफ़न कर रख्खे है।

किसको सुनाएँ हाल ए दिल अपना

हर चोट पर हमने कफ़न रख्खे हैं।

तुम जब भी कोई

June 13, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

तुम जब भी कोई मुस्कराती आँखे देखोगे — उनमें मेरा ही साया नज़र आएगा

तुम्हारे सामने जब भी कोई आँचल लहराएगा –तुम्हें उसमें मेरा ही दामन नज़र आएगा।

गुजरोगे जब भी मेरे शहर की गलियों से –तुम्हें स्मृति मेरी ही कराएगा।

याद करके जब भी पलकों को मूँदोगे -अचानक छु गया स्पर्श याद मेरी कराएगा।

वक्त के हाथों मजबूर जब किसी इंसां को देखोगे –उस टूटते प्यार में प्रीत का प्यार नज़र आएगा।

मेरी मुहब्बत

June 13, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

बन गए तुम कुछ ये मेरी मुहब्बत है
मिट गई प्री त ये मेरी किस्मत है

मुझको वेबफ़ा

June 13, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

मुझको वेबफ़ा कहने वाले !मेरे दोस्त

कभी मेरी मजबूरियों को भी समझा होता।

मूंदकर आँखे

June 13, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

मूंदकर आँखे जिनपर कभी यकीन किया था

उन्ही को पीठ पर खंजर चलाते हुये भी देखा है।

मेरी बदकिस्मती

June 12, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

मेरी बदकिस्मती का आलम तो देखिये !

जमीर भी बेचना चाहा तो कोई ख़रीददार न मिला।

मेरे दिल की

June 12, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता

मेरे दिल की गहराईओं में है वो कहीं न कहीं !

लाख भूलना चाहूँ उसकी याद आ ही जाती है।

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