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  • राही अंजाना posted an update 2 years, 8 months ago

    मैं बनाकर लाख चेहरे भले लोंगों को हंसाता रहा हूँ,
    मगर सच कुछ यूँ है के मैं अपने आँसू छुपाता रहा हूँ,
    कहने को कहते हैं सभी अपने अपने दिल की खुल कर,
    मगर खामोश ज़ुबा से हर बार मैं अपनी कहानी सुनाता रहा हूँ,
    अक्सर देखकर खुश होते हैं लोग कई खेल तमाशे,
    पर खुद ही का मैं दुनियाँ में तमाशा दिखाता रहा हूँ॥
    राही (अंजाना)