Muktak

देखी दुनिया सारी
फिर भी रहे अनाड़ी
कर कुछ भी न पाए
वो बनते रहे खिलाडी

Comments

11 responses to “Muktak”

  1. यह पँक्तियाँ अच्छी हैं परन्तु यह मुक्तक नहीं है

      1. Abhishek kumar

        👍

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