Nahi Karte…….

दर्द कागज़ पैर यूँ ही बिका नहीं करते
इश्क़-ऐ-गम अक्सर दिल मैं छुपा नहीं करते
होना परत है फनाह भी इस चाहत मैं साहिब
जो डरते है इस से वो मोहोब्बत करा नहीं करते……………..!! (d k)

Comments

4 responses to “Nahi Karte…….”

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Thanku so much Bhai

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