Poems

Kitni pyari hai ye dharti

कितनी प्यारी है ये धरती,
ऊपर अंबर ये नीले नीले,
नीचे हरियाली ये धरती,
ऊपर सूरज चंदा ये तारे,
नीचे जीव जंतु ये सारे,
ऊंचे पहाड़ ये प्यारे-प्यारे,
नीचे नदियां खाई ये गहरे,
ऊपर बादल ये काले काले,
नीचे ठंढे झील ये झडने,
इतने सुंदर ये बाग बगीचे,
छोटे बच्चे ये प्यारे प्यारे,
प्यारी प्यारी यै ठंढी हवाएं,
प्यारे- प्यारे ये बारिश के झोंके |

एक बूंद मुस्कराहट

तुमे शायद पता नहीं,
एक दिन चुपके से मैने,
चुरा ली थी तुमारे होठों से,
एक बूंद मुस्कराहट।
कई दिन छुपा के रखता रहा,
कभी तकीये के नीचे,
तो कभी चांद के पीछे,

बहुत चंचल थी वो,
कभी चुपके से आ के,
बैठ जाती थी मेरे होठों पे,
तो कभी चांद के पीछे से
मुझे ताकती थी,
वो एक बूंद मुस्कराहट।

मैं सींचने लगा उस बूंद को,
अपनी मुस्कराहट से,
ताकी यह बन जाऐ
हंसी का एक चश्मा,

फिर एक दिन,
तुम खो गई,
और खो गई मुझसे,
वो एक बूंद मुस्कराहट।

लेकिन हैरान हूं,
वो तो मेरे पास थी,
फिर कैसे खो गई,
जहन की किसी उदेड़बुन में,
उलझ गई है शायद,
वो एक बूंद मुस्कराहट।

लेकिन अब भी
जब तुम याद आती हो,
तो आंख के किसी कोर से,
झांकती है बाहर,
वो एक बूंद मुस्कराहट।

छुपा लेता हूं आंख बंद कर के,
कि कहीं बाहर ना आ जाऐ,
और जमीन पे गिरकर,
कहीं मिट्टी में खो ना जाऐ,
आखिर एक ही तो निशानी है,
मेरे पास तेरे जाने के बाद,
वो एक बूंद मुस्कराहट।

बरसात

ये कहानी कुछ यूँ तय्यार हों गयीं
की एक शख़्सियत बस उनपर फ़िदा हों गयीं ..!
बस देखने से ही शूरवात हों गयीं
फिर तो फिर आँखोवाली मुलाक़ात हों गयीं ..!

दिन में भी मेरी रात हों गयीं
फिर वो मेरा खाब हों गयीं ..!
खाब को करने सच्चाई मेरी भी शूरवात हो गयीं
और बस उसी दिन बरसात हों गयीं ..!😊

मैं जीत कर हार गया

मैं जीत कर भी हार गया
तेरा लाल दुनियाँ से दूर गया

Kanha tu hi ho hamare palanhare

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे….
तू ही तो हमारे सहारे,
तुम आ जाओ फिर एक बार ओ मुरली वाले,
तेरी मुरली की धुन सुने हम भी ओ बंसी वाले ,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……
मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे ओ यशोदा के दुलारे,
हम भी तो देखें ये नजारे,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…….
माखन चोर तुझे नाम मिला ओ मुरली वाले,
फिर एक बार तू माखन चुराओ ओ बंसी वाले,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……
गोवर्धन को एक उंगली पर उठाया ओ मुरली वाले,
तेरी लीला है न्यारी ओ बंसी वाले,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…..
गायों को भी तूने चराया ओ मुरली वाले,
फिर आजा गोकुल में ओ यशोदा के दुलारे |

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