आज आ गया समझ में
जिंदगी कितनी छोटी होती है
एक पल में होती है हमारी
तो दूजे पल में हमसे कोसों दूर होती है।
यूँ रोज टूटते हैं सितारे आसमान से
लेकिन किसी एक के ही टूटने पर
ये आंख गमगीन होती है।
लगता है जैसे स्वप्न हो कोई लेकिन, यकीन करने को आँखें मजबूर होती हैं।
# RIP Siddharth Shukla
#RIR Siddharth shukla

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One response to “#RIR Siddharth shukla”
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😥
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