हे जीवन के दातार
मैं ठाड़ी तोहरे द्वार
लेके उम्मीदों के हार
मोरी नैया लगा दे पार
बिगड़ी बना दे इक बार
मोरा जीवन दे संवार
मैं ठाड़ी दामन पसार
मैं दुखी तुम सृजन हार
दे दो मुझको अपना प्यार
रूठा है मोसे सारा संसार
अब जीवन से तो मैं हारा
हाथ पकड़ मोहे देना सहारा
मिल जाय मुझको भी सहारा
भूल गया था मैं बेचारा
मिथ्या है ये सब संसारा
हाथ थाम लो नाथ हमारा
छोड़ कर दुनिया का नजारा
हो जाना अब प्रभु हमारा
कबहउ ना जाऊँ अब दोबारा
मैंने अपना सब कुछ वारा
कृपा करो अब बख्शनहारा
??? ?? रीता जयहिंद?? ??????????????
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