कोई लौटा दे रे मेरे बचपन के दिन
जब ना थी कोई चिंता व फिकर
वो जोर – जोर के गीतों का गाना
बारिश में जी भरकर नहाना और भीग जाना
जान बूझकर सोते रहने का बहाना
पढाई के नाम पर पेट दर्द बतलाना
स्कूल जाने पर बुखार का बहाना
रेडियो जोर – जोर के बजाना
मेहमान के जाने के बाद प्लेटें साफ करना
बार – बार गिरकर भी साईकिल चलाना
बारिश के पानी में नाव चलाना
छत पर चढ़कर पतंग उड़ाना
होली मे आने जाने वालों पर गुब्बारे मारना
दीपावली पर जी भरकर पटाखे छुड़ाना
हर दुख से बेखबर अपनी मस्ती में रहना
काश कोई लौटा दे मेरा वो बचपन
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प्रस्तुति ?? रीता जयहिंद ??
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