शुक्रगुज़ार तेरे नहीं तेरी तस्वीर के हैं
तन्हाइयों में भी हमारे साथ होती है
छोड़ती नहीं एक पल हमारा साथ
साथ जगती भी है और साथ सोती है
©अनीता शर्मा
अभिव्यक्ति बस दिल से
Shayari
Comments
8 responses to “Shayari”
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पंक्तियों में साहित्य भरा है। जितनी तारीफ की जाये वो कम है।
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Shukriya 🙏🏼
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Nice
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Thank you
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तन्हाईयों में भी हमारा या हमारे ? मैम इसे स्पष्ट करें, मैं समझने में असमर्थ हूँ।
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Typing error ho Gaya hai ,humare hi tha
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Kya hum inhe edit Kar sakte Hain yahan??
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नहीं।
आप इसे डिलीट करके फिर पोस्ट कर सकती हैं
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