Shayari

शुक्रगुज़ार तेरे नहीं तेरी तस्वीर के हैं
तन्हाइयों में भी हमारे साथ होती है
छोड़ती नहीं एक पल हमारा साथ
साथ जगती भी है और साथ सोती है
©अनीता शर्मा
अभिव्यक्ति बस दिल से

Comments

8 responses to “Shayari”

  1. Satish Pandey

    पंक्तियों में साहित्य भरा है। जितनी तारीफ की जाये वो कम है।

    1. Anita Sharma

      Shukriya 🙏🏼

    1. Anita Sharma

      Thank you

  2. तन्हाईयों में भी हमारा या हमारे ? मैम इसे स्पष्ट करें, मैं समझने में असमर्थ हूँ।

    1. Anita Sharma

      Typing error ho Gaya hai ,humare hi tha

      1. Anita Sharma

        Kya hum inhe edit Kar sakte Hain yahan??

      2. नहीं।
        आप इसे डिलीट करके फिर पोस्ट कर सकती हैं

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