SHAYARI

उसके जैसी कोई लडकी नहीं मिली कभी आजतक

लेकिन  वो भी तो  मुझे  नहीं मिली कभी आजतक।।

उससे मिलके  अनजाने में ही  सँवरे थे हम  लेकिन,

बिगडने की कोई वजह भी मिली कभी आज़तक।

Comments

5 responses to “SHAYARI”

  1. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत खूब

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