नटखट नन्हेचुलबुल पांडे , भोली बातों से जो रिझाते ,अक ड दिखा के डर से भोले बन जाते। डांटने वाले आंखें दिखाते मन ही मन मंद मंद मुस्कुराते, और कभी हंसी रोकते रोकते फट पड़ती […]
नटखट नन्हेचुलबुल पांडे , भोली बातों से जो रिझाते ,अक ड दिखा के डर से भोले बन जाते। डांटने वाले आंखें दिखाते मन ही मन मंद मंद मुस्कुराते, और कभी हंसी रोकते रोकते फट पड़ती […]
गुरू वन्दन गुरू वन्दन चरणों में करता हूं शीश झुका कर अभिनन्दन करता हूं मैं हूं बड़ा अभागा संसार में ज्ञान कि ज्योति जलाये रखना जीवन के अंधियारो में प्रकाश का दीप जलाये रखना गुरू […]
गुरु वन्दन हम सब गुरु के गोद में छात्र है गुरु के ज्ञान में आओ हम सब गुरु वन्दन करे चरण स्पर्श अभिनन्दन करे। गुरु का हमपे उपकार है हम सब उनका सम्मान करे जंगल […]
सर्वप्रथम गुरु का स्थान। तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान। प्राचीन काल से ही, गुरुओं ने दिए संस्कार। किताबी ज्ञान के साथ, सांसारिक नीति व्यवहार। धर्म-अधर्म का ज्ञान दिया, बना जीवन का आधार। असंभव गुरुओं के बिना, […]
कभी न भाये गुरु जी तुम, वो मैथ की मिस्ट्री,वो बोरिंग केमिस्ट्री वो छडी की मार वो डांट वो पुकार खड़े कर देना बेंच पर नज़रे रखने को कहना अपने लेंस पर कितने ही बार […]
मोड़ दे जो पाणी की लकीरें, हैं वो गुरू ईश्वरीय वासव अद्भुत महान_ तिमिर भी मयूख हो लेखन करें, गुरु हैं वो ग्रंथ कगार_ अस्तित्व संपूर्ण परिवर्तित कर दे, शिष्य बने ज्ञानी हर ग्रंथ में […]
मार्गदर्शन तुम्हारा सब follow करें, हर समस्या में ध्यान तुम्हारा धरे। भागने की जरूरत नहीं है कहीं, सारी knowledge ले सकते हो घर बैठे ही। बस मन से धरो इनका ध्यान, गुरु google है सबसे […]
गुरु ज्ञान भण्डार समेटे, कभी न अपनी आँखे मींचे, शिक्षा के दीपक प्रकाश से हर जन के जीवन को सींचे, गुरु न देखे जाति धर्म, न मन में कोई संशय कीजे, गुप्प अँधेरे में भी […]
गुरु मार्ग है,दिशा है लोक परलोक की शिक्षा है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-
गुरु ज्ञान की पुस्तक हमको सही गलत का पाठ पढ़ाए, अन्धकार के पर्दे को नज़रों से सहज भाव से खोल दिखाए, जीवन एक जटिल पहेली जिसमें उलझे तो कोई सुलझ न पाए, पर गुरु मार्गदर्शक […]
कोई भी कमी कोई भी शिकायत नहीं छोड़ती, अपने बच्चे की परवरिश में वो माँ कोई खामी नहीं छोड़ती, खुद रह भी ले भूखी पर वो माँ किसी दिन भी बच्चे को भूखा नहीं छोड़ती, […]
झुके हुए सर को मिलता गुरु का प्यार है अकड़े हुए सर को मिलता गुरु का दुत्कार है …… यूई
गुरु – महिमा यह रचना है , गुरु-देव की महिमा का गुनगान , वो ख़ुद के चित् में है अन्तहीन , जिनकी परिभाषा है असीम , ऋषि की विशिष्टताओं का पैग़ाम जो देकर हमको […]
फूंक देते प्राण मनुज में वो गुरुदेव कहाते है, जीवात्मा की परमात्मा से वो ही मिलन कराते है. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताकर करते है उद्धार गुरु, निज शिष्यों को ईश्वर से बढ़कर करते है प्यार गुरु. […]
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