Tag: शिक्षक दिवस पर कविता

  • मेरे शिक्षक

    मेरे जीवन के अहम इंसान
    तुम्ही से स्पन्दित यह विश्व महान
    सरस्वती माँ के तुम सारथी हो
    तुम्ही से ज्ञान की गंगा का उत्थान

    मेरा नमन स्वीकार करें
    पथ मेरा आप सदा प्रदर्शित करें
    अपने आदर्शों के पाठो से
    मेरा भविष्य होगा महान

  • कलम की ताकत

    कलम की ताकत का एहसास करता है शिक्षक,
    कमजोर बच्चों में भी उत्साह जगाता है शिक्षक,

    जो भटक जाये कोई तो राह दिखाता है शिक्षक,
    छुटपन से ही संस्कारों का पाठ पढ़ाता है शिक्षक,

    रोशनी से जगमगाती इस अँधेरी दुनिया में सुनो,
    ज्ञान की श्री ज्योति का प्रकाश फैलाता है शिक्षक,

    कभी माँ कभी गुरु रूप में साथ रहता है सबके,
    सहज सरल स्वरूप में रहना सिखाता है शिक्षक।।

    राही अंजाना

  • अज्ञानता का मिटा अंधेरा

    अज्ञानता का मिटा अंधेरा
    ज्ञान की ज्योत जलाते हैं
    अथाह शब्दों का भंडार लिए
    जीवन पथ सुगम बनाते हैं
    बाधाओं से पार कराते
    ज्ञान का चक्षु खुलवाते हैं
    प्रतिदिन विद्यालय में आकर
    नित नवीनता से मिलाते हैं
    कभी विनम्र ,कभी दृढ़ता से
    प्रकाश ही प्रकाश फैलाते हैं
    चारों धर्मों की एकता की शक्ति को
    छात्रों के अंतर्मन, पहुँचाते हैं
    कभी मित्रवत व्यवहार वो करके
    कभी माँ की ममता से मिल जाते हैं
    सर्वश्व निछावर कर देते हैं
    उज्जवल भविष्य बनाते हैं
    ऐसे हमारे शिक्षक शिक्षिका को
    शत बार नमन हम दोहराते हैं
    शत बार नमन हम दोहराते हैं।।

  • गुरु का स्थान

    सर्वप्रथम गुरु का स्थान।
    तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान।

    प्राचीन काल से ही,
    गुरुओं ने दिए संस्कार।
    किताबी ज्ञान के साथ,
    सांसारिक नीति व्यवहार।
    धर्म-अधर्म का ज्ञान दिया,
    बना जीवन का आधार।
    असंभव गुरुओं के बिना,
    समृद्ध राष्ट्र का निर्माण।
    सर्वप्रथम गुरु का स्थान।
    तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान।

    अबोध कच्चे मिट्टी को,
    ज्ञान के जल से मिलाकर।
    सुनिश्चित आकर देते,
    शिक्षा के चाक में घुमाकर।
    सुदृढ़ता प्रदान करते,
    अनुशासन के ताप में पकाकर।
    अंधकार से प्रकाश तक,
    गुरुओं की महिमा महान।
    सर्वप्रथम गुरु का स्थान।
    तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान।

    शिक्षकों के प्रयास से बनते,
    चिकित्सक या अभियंता।
    वैज्ञानिक, खगोल विज्ञानी,
    या वक्ता, अभिवक्ता।
    चित्रकार या पत्रकार,
    या फिर नेता, अभिनेता।
    प्रतिष्ठित प्रत्येक व्यक्ति का,
    शिक्षक ही करते निर्माण।
    समाज के विभिन्न क्षेत्रों में,
    वे देेते महत्वपूर्ण योगदान।
    सर्वप्रथम गुरु का स्थान।
    तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान।

    देवेश साखरे ‘देव’

  • “कामयाबी की ईमारत”

    आज भी वो दिन याद आते है उसे भुलाऊ कैसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…

    बचपन में कलम थमाई थी आपने, आज वो कलम झुमती है एसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…

    गली में देख आपको, डरता था मैं भी, ये मीठा डर लाऊ कैसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…

    दुनिया के सामने जीना सिखाया, ये तरिका अब आझमाऊ एसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…

    पाठशाला से लेकर आज तक की दूरी, समजा ना पाऊ ये सफर एसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…

    दुआ से आपकी ख्वाब भी पीछे छुटा, पता नही था मंजिल मीलेगी एसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…

    जिंदगी भर चुका न पाऊ इस ईमारत की किंमत, आपकी याद रहेगी बेशक एसे
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे…
    ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे… Happy Teacher’s Day…

  • poem for teacher

    टीचर हमको रोज पढ़ते।
    नित नया ज्ञान दे जाते।
    हमारे उज्जवल भविष्य की नीव वो रखते।
    अध्यन की सारी समस्याओ की गुत्थी सुलझाते।
    टीचर हमको रोज पढ़ते।
    बड़ो का सम्मान है करना ।
    छोटो से प्यार है करना।
    माता पिता से आशीर्वाद है लेना।
    बहुत सारी व्यवहारिकता सिखलाते।
    टीचर हमको रोज पढ़ते।
    कभी आईंस्टीन के बारे मे बताते।
    कभी डॉ कमाल के कारनामे बताते।
    रोज हमारे उज्जवल भविषये की कामना कर ढेर सारा आशीर्वाद दे जाते।
    टीचर हमको रोज़ पढ़ते।
    कवयित्री सुधा गोयल

  • शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

    आप महान हैं, हमें देते जो ज्ञान हैं |
    आप का सम्मान करना, मेरी ही शान है |
    मैं फूल हूँ चमन का, आप बागवान हैं |
    आप ही से महकता ये सारा संसार है |
    आप की इज्जत करना, मेरा काम है |
    आप की आज्ञा मानना मेरा धर्म है |
    आप को सम्मान देना, यही ये मेरा कर्म है |
    आप का ही दिया हुआ जीवन का दान है |
    जो खत्म ही न होता वह देता ज्ञान है |
    आप की इज्जत करना मेरी शान है |
    आप ही तो दुनिया को सन्मार्ग दिखाता है |
    प्रभु ने भी किया सदा आप को ‘प्रणाम है |
    आप की इज्जत करना मेरी शान है |
    गिरते है जब हम, तो उठाते है आप
    जीवन की राह दिखाते आप |
    अंधेरे ग्रहों पर बनकर दीपक
    जीवन को रौशन करते है आप |
    कभी नन्हीं आँखों में नमी जो होती,
    तो अच्छे दोस्त बनकर हमें हँसाते है आप |
    ऐसे गुरु को मेरा सदा कोटि कोटि प्रणाम

  • मेरे गुरु जी

    कभी न भाये गुरु जी तुम,
    वो मैथ की मिस्ट्री,वो बोरिंग केमिस्ट्री
    वो छडी की मार वो डांट वो पुकार
    खड़े कर देना बेंच पर
    नज़रे रखने को कहना अपने लेंस पर
    कितने ही बार ज़ीरो आए
    गुरुजी तुम कभी ना भाए
    । । । । । । । । । । । । । ।
    ये तो बचपन की कहानी थी
    आज हर बात आपको बतानी थी
    वो लड़का जिसे आपने ही संवारा था
    जो कभी बदतमीज और आवारा था
    उसने एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पुरस्कार जीत लिया है
    उस सम्मान को आपके हाथों से लेने को कह दिया है
    । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । ।
    आज दुनिया त्याग और समर्पण की दीवानी होगी
    जब स्टेज पर मेरे गुरु की आगवानी होगी।

  • शिक्षक दिवस

    आज 5 सितंबर है और हम सभी को पता है की आज शिक्षक दिवस है। हम सब हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का जश्न मनाते है। आज डॉ सर्वेपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। डॉ सर्वेपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्रपति बनने से पहले एक महान प्रतिशिष्ठ शिक्षक थे। इसलिए उनका जन्मदिन पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    शिक्षक छात्रों को अपने बच्चे के रूप में प्यार करते है। शिक्षक छात्रों में भेदभाव नहीं करते और सभी छात्रों पर ध्यान देते है। हमारे माँ-बाप हमें देश का एक अच्छा नागरिक बनाने के लिए स्कूल में भेजते है। हालाँकि हमारे शिक्षक हमारे पूरे भविष्य को उज्ज्वल और सफल बनाने की जिम्मेदारी लेते है।

    शिक्षक हमारे जीवन में ज्ञान प्रदान करने के साथ एक जीवन को दिशा भी देते है। शिक्षक ज्ञान का स्रोत है। मैं प्रत्येक छात्र से अनुरोध करता हूं कि सभी छात्र शिक्षकों की सलाह का पालन करें और देश का एक अच्छा नागरिक बनें ।

    अध्यापक हमारे जीवन में वह व्यक्ति होता है, जो हमें अच्छी शिक्षा के साथ बहुत सी अन्य महत्वपूर्ण चीजों को सिखाता है। एक अध्यापक अपने विद्यार्थियों के लिए बहुत अधिक मायने रखता है ।
    अध्यापक एक ऐसी मोमबत्ती है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशित करता है, हर अध्यापक ये सोचता है मेरे पास पढ़ा हुआ बच्चा मेरे से ऊँची Post पे जाये और मेरा नाम रोशन करें |
    मेरे अध्यापक का मेरे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है | मैं आज जो भी हैं सब मेरे अध्यापक के दिए हुए ज्ञान और दिखाए हुए सही मार्ग पर चल कर यह मुकाम तक पहुंचे हैं | इसीलिए मेरे अध्यापक का जिंदगी भर शुक्रगुजार हूँ |
    सभी अध्यापकों का व्यवहार मेरे प्रति अच्छा होते हुए भी मुझे Physical Education & Hindi के अध्यापक सबसे अच्छे और प्रिय लगते हैं। इसका एक कारण तो यह हो सकता है कि उनका बाहरी व्यक्तित्व जितना सुन्दर और आकर्षक है, उनकी बोलचाल, व्यवहार और अध्यापन का ढंग भी उतना ही सुन्दर है । वह जो भी पढ़ाते हैं, उसका एक चित्र-सा खड़ा कर विषय को साकार कर देते हैं। उनका पढ़ाया और समझाया गया पाठ छात्र कभी नहीं भूलते। मेरे इन अध्यापक का चेहरा हमेशा एक निर्मल मुस्कान से खिला रहता है। मैंने उन्हें कभी भी कक्षा के बाहर या अंदर बेकार की बातें करते हुए सुना है, न देखा है।
    Mr. Sushil Sir (शारीरिक शिक्षा) Physical Education के अध्यापक है & Mr. Ramesh Kumar (हिंदी) Hindi के अध्यापक है ऐसे आदर्श अध्यापक का आशीर्वाद पाकर किसे गर्व नहीं होगा । वे विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का भेद- भाव नहीं करते । सबको समान दृष्टि से देखते हैं । निर्धन तथा मेधावी छात्रों को वे विद्यालय की ओर से उचित सहूलियतें दिलवाते हैं । वे विद्यार्थियों को स्वास्थ्यप्रद आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं । कक्षा और विद्यालय कर सफाई पर भी उनकी दृष्टि रहती है । वे हमें सकारात्मक सोच रखने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करते रहते हैं ।
    वे हमें हमारे जीवन में शिक्षा के महत्व और ज़रुरत को समझाते हैं। वे हर एक विद्यार्थी के लिए प्रेरणादायक स्त्रोत होते हैं और उनके अनमोल विचार हम सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। आज मैं अपने सभी माननीय शिक्षक गुणों को उनके इस महान कार्य के लिए आभार व्यक्त करती हूँ और उनसे आशीर्वाद, उनके निर्देश और सलाह हमें सफलता की ओर अनंत ऊंचाई प्राप्त हो सके ।
    मैं शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने अध्यापकों के सम्मान में कुछ शब्द कहना चाहती हूँ ।

    Sir, मुझे पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए धन्यवाद
    मुझे सही-गलत की पहचान सिखाने के लिए धन्यवाद
    मुझे बड़े सपने देखने और आकाश को चूमने का साहस देने के लिए धन्यवाद
    मेरा गुरु और प्रकाश बनने के लिए धन्यवाद।
    शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं ।

    आप महान हैं, हमें देते जो ज्ञान हैं |
    आप का सम्मान करना, मेरी ही शान है |
    मैं फूल हूँ चमन का, आप बागवान हैं |
    आप ही से महकता ये सारा संसार है |
    आप की इज्जत करना, मेरा काम है |

    आप की आज्ञा मानना मेरा धर्म है |
    आप को सम्मान देना, यही ये मेरा कर्म है |
    आप का ही दिया हुआ जीवन का दान है |
    जो खत्म ही न होता वह देता ज्ञान है |
    आप की इज्जत करना मेरी शान है |
    आप ही तो दुनिया को सन्मार्ग दिखाता है |
    प्रभु ने भी किया सदा आप को ‘प्रणाम है |
    आप की इज्जत करना मेरी शान है |
    गिरते है जब हम, तो उठाते है आप
    जीवन की राह दिखाते आप |
    अंधेरे ग्रहों पर बनकर दीपक
    जीवन को रौशन करते है आप |
    कभी नन्हीं आँखों में नमी जो होती,
    तो अच्छे दोस्त बनकर हमें हँसाते है आप |
    ऐसे गुरु को मेरा सदा कोटि कोटि प्रणाम

  • सूखी मिटटी

    मुठि भर सूखी मिट्ठि को जब
    सजा सवारकर गूँथ गूँथ कर आकर दिया
    शिक्षक की कड़ी मेहमान के कारण
    एक दिप्त छात्र का निर्माण हुआ.

  • कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे..

    मै पढ़ते वकत अटकती हू
    कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे
    पर साथ आपका चाहती हू
    मेरे जीवन की इस लड़ाई मे
    . हमेशा ही पैर रखती हू
    आपके पेरो की ही परछाई मे
    जब लिखती, पढ़ती, बोलती हू
    परेशान जो होती किसी बुराई मे
    आपकी सीख याद रखती हू
    जीवन जीना हमेशा ही अच्छाई मे

  • शिक्षक

    शिक्षक
    साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक।
    आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक ।
    राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक ।
    ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक।
    विद्यार्थी जीवन में हर पल सहायक।
    मासूम दिलों का होता वह नायक।
    संस्कृति, सभ्यता, न्याय का परिचायक।
    समय से ताल मिला चलता अध्यापक। हर गलत कदम रोकता होता वह अनुशासक।
    मीठी झिड़की ,हल्की थपकी, सम्मान के होता वह लायक।। खुद वही रहता राष्ट्र पौध का निर्माता,
    सही गलत क्या है मार्गदर्शक बन बताता।
    नमन मेरा अभिमान मेरा, है ज्ञान का यह भंडार मेरा। पूरी की पूरी पुस्तक है,
    शिक्षक राष्ट्र का मस्तक है!
    शिक्षक राष्ट्र का मस्तक है!
    निमिषा सिंघल

  • I learn a lot from you.

    You taught me the meaning of love

    and You taught me the meaning of life

    Whenever I fall you taught me

    How to stand and look forward to win

    Sometimes during the class and

    Sometimes between the rows

    Whenever I see you, met you,

    I see the god in you

    You are the portrait of my dreams and

    You are the power of my soul

    I always be indebted to whatever I learn from you

    Words are not enough to tell my love towards you

    But caring like a son and teaching like a mother is always worth to describe my love towards you

    – Manish Upadhyay

  • जादूगर सर

    जादूगर सर

    सर को कैसे याद पहाड़े ?
    सर को कैसे याद गणित ?
    यह सोचती है दीपाली
    यही सोचता है सुमित
    सर को याद पूरी भूगोल
    कैसे पता कि पृथ्वी गोल ?
    मोटी किताबें वे पढ़ जाते ?
    हम तो थोड़े में थक जाते
    तभी बोला यह गोपाल
    जिसके बड़े-बड़े थे बाल
    सर भी कभी तो कच्चे थे
    हम जैसे ही बच्चे थे
    पढ़-लिखकर सब हुआ कमाल
    यूँ ही सीखे सभी सवाल
    सचमुच के जादूगर हैं
    इसीलिए तो वो सर हैं ।

    – Ritika

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