मेरे जीवन के अहम इंसान तुम्ही से स्पन्दित यह विश्व महान सरस्वती माँ के तुम सारथी हो तुम्ही से ज्ञान की गंगा का उत्थान मेरा नमन स्वीकार करें पथ मेरा आप सदा प्रदर्शित करें अपने […]

कलम की ताकत का एहसास करता है शिक्षक, कमजोर बच्चों में भी उत्साह जगाता है शिक्षक, जो भटक जाये कोई तो राह दिखाता है शिक्षक, छुटपन से ही संस्कारों का पाठ पढ़ाता है शिक्षक, रोशनी […]

अज्ञानता का मिटा अंधेरा ज्ञान की ज्योत जलाते हैं अथाह शब्दों का भंडार लिए जीवन पथ सुगम बनाते हैं बाधाओं से पार कराते ज्ञान का चक्षु खुलवाते हैं प्रतिदिन विद्यालय में आकर नित नवीनता से […]

सर्वप्रथम गुरु का स्थान। तत्पश्चात पूज्य हैं भगवान। प्राचीन काल से ही, गुरुओं ने दिए संस्कार। किताबी ज्ञान के साथ, सांसारिक नीति व्यवहार। धर्म-अधर्म का ज्ञान दिया, बना जीवन का आधार। असंभव गुरुओं के बिना, […]

आज भी वो दिन याद आते है उसे भुलाऊ कैसे ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे… बचपन में कलम थमाई थी आपने, आज वो कलम झुमती है एसे ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ […]

टीचर हमको रोज पढ़ते। नित नया ज्ञान दे जाते। हमारे उज्जवल भविष्य की नीव वो रखते। अध्यन की सारी समस्याओ की गुत्थी सुलझाते। टीचर हमको रोज पढ़ते। बड़ो का सम्मान है करना । छोटो से […]

आप महान हैं, हमें देते जो ज्ञान हैं | आप का सम्मान करना, मेरी ही शान है | मैं फूल हूँ चमन का, आप बागवान हैं | आप ही से महकता ये सारा संसार है […]

कभी न भाये गुरु जी तुम, वो मैथ की मिस्ट्री,वो बोरिंग केमिस्ट्री वो छडी की मार वो डांट वो पुकार खड़े कर देना बेंच पर नज़रे रखने को कहना अपने लेंस पर कितने ही बार […]

आज 5 सितंबर है और हम सभी को पता है की आज शिक्षक दिवस है। हम सब हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का जश्न मनाते है। आज डॉ सर्वेपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। […]

मै पढ़ते वकत अटकती हू कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे पर साथ आपका चाहती हू मेरे जीवन की इस लड़ाई मे . हमेशा ही पैर रखती हू आपके पेरो की ही परछाई मे जब लिखती, […]

शिक्षक साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक। आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक । राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक । ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक। विद्यार्थी जीवन में हर […]

सर को कैसे याद पहाड़े ? सर को कैसे याद गणित ? यह सोचती है दीपाली यही सोचता है सुमित सर को याद पूरी भूगोल कैसे पता कि पृथ्वी गोल ? मोटी किताबें वे पढ़ […]