सूखी मिटटी

मुठि भर सूखी मिट्ठि को जब
सजा सवारकर गूँथ गूँथ कर आकर दिया
शिक्षक की कड़ी मेहमान के कारण
एक दिप्त छात्र का निर्माण हुआ.

Comments

23 responses to “सूखी मिटटी”

  1. Ram Naresh

    दिल को छू लिया

    1. थैंक्स to comment.

    2. राम नरेशपुरवाला

      कमेन्ट on my poem कमजोर हूँ थोड़ी पढ़ाई मे

    1. राम नरेशपुरवाला

      Plz कमेंट on my poem कमजोर हूँ थोड़ी पढ़ाई मे

  2. D.K jake gamer

    wah

  3. D.K jake gamer

    pyari kAvita h

  4. Kandera Tricky Math .

    koob kaha

  5. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत सुंदर रचना ढेरों बधाइयां

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