दिलकशी से तुम मिले!!!
निगाहों में अक्स तुम्हारा रोशन क्या हुआ!
हजारों चिराग इस दिल में जल उठे।
सर चढ़ रहे हो अजनबी
हालत क्या बयां करूं
हलचल सी मची दिल में
तूफान में घिरा हूं
खुशबू बिखर रही है
रू ह घुल रही है
तुम हो या कि मैं?
हस्ती पे छा रही हो।
निमिषा सिंघल
अजनबी
Comments
8 responses to “अजनबी”
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Wah
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🙏🙏
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Nice
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🙏🙏
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वाह
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धन्यवाद आपको
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Good
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