अनदेखे, अनजाने दोस्त

“सावन” पर मुझे मिले,
कुछ अनदेखे, अनजाने दोस्त
जिनकी समीक्षा पाने की,
प्रतीक्षा रहती है हर रोज़
लेखन की इस नगरी में,
स्वागत करते हैं सबका
शत शत नमन है उन मित्रों को,🙏
मेरा भी स्वागत किया
धन्यवाद है, धन्यवाद है
अनदेखे, अनजाने अब,
लगते हैं पहचाने से….

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

    1. मैने फ़ूल कुमार जी की “saavan”पर शिकायत करी थी ।कविता कॉपी करने के संदर्भ में,इनकी कविताएं साइट द्वारा डिलीट कर दी गई है

New Report

Close