अपमान

अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना
जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना

गीता मैं यही और रामायण मैं और धर्म सभी यह कहते है
जो त्यागी है वह त्याग करें हंस हंस कर सौ दुख सहते है
त्याग का दीप जले मन मैं पल एक नहीं बुझने देना
जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना

जो प्रभु ने दिया ने दिया संतोष लेकर
कुछ और मिले यह लोभ ना कर
लोभ का दीप जले मन मे पल एक नहीं जलने देना
जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना

अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना
जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना

पंकज प्रिंस


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13 Comments

  1. Pragya Shukla - March 13, 2020, 3:30 pm

    Good

  2. Dhruv kumar - March 13, 2020, 4:20 pm

    Nyc

  3. Kanchan Dwivedi - March 13, 2020, 7:37 pm

    Good

  4. Priya Choudhary - March 13, 2020, 10:00 pm

    Bhut sunder

  5. NIMISHA SINGHAL - March 14, 2020, 5:41 am

    👏👏

  6. महेश गुप्ता जौनपुरी - March 21, 2020, 10:29 am

    वाह बहुत सुंदर

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