अबला का आँचल

जब भी कोई हाथ जगत में,
अबला का आँचल खींचा है।
शमशीर सदा हीं टकड़ाया
और रक्त धरा को सींचा है।।


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5 Comments

  1. Poonam singh - November 7, 2019, 8:00 pm

    Nice

  2. NIMISHA SINGHAL - November 7, 2019, 11:15 pm

    Nice

  3. देवेश साखरे 'देव' - November 8, 2019, 9:09 am

    वाह

  4. nitu kandera - November 8, 2019, 9:29 am

    Wah

  5. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:30 pm

    वाह वाह!

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