अब तो दिल ही हमारा महफिलों ढल गया

तालीम नहीं मिली कभी, ना इल्म था हमें कभी
बस इक तसव्वुर था, जो ज़हन मे घुल गया
कभी शिरकत किया करते थे, हम महफिल ए इश्क में
अब तो दिल ही हमारा महफिलों ढल गया…

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2 Comments

  1. Ajay Nawal - December 29, 2015, 12:39 pm

    nice

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