आज भी….

आज भी आंखें सिर्फ उम्मीद के रंग ही तलाशती है,
क्या रंग नहीं देखे! इन आंखों से पूछो।

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करार

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Responses

  1. हौसले के तरकश में
    कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो
    हार जाओ चाहे जिन्दगी मे सब कुछ
    मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिन्दा रखो!

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