इत्मिनान से पढ़िए
— मेरे दिल के हैं अल्फ़ाज़—
हर बात का मतलब नहीं होता
कभी तो दिल से काम लीजिये
तू ही तू बस नज़र आयेगा
हर नफ़स ।
इत्मीनान
Comments
12 responses to “इत्मीनान”
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Nice
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थैंक्स
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Nyc
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थैंक्स
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Nice
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थैंक्स
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क्या खूब
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धन्यवाद
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वाह
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धन्यवाद
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Nice poem
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थैंक्स
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