उठो वीर जवानो

उठो वीर जवानो भारत माता,

तुम्हे पुकार रही,

अपने लालों के लहू का,

बदला माँग रही,

अपने अमर जवानो के पथ पर,

चलने को ललकार रही,

उठो वीर जवानो भारत माता,

तुम्हे पुकार रही,

आज फिर भारत माता ,

पर आघात हुआ,

देश के हुकूमरानो की,

विफलता का आभास हुआ,

आतंक और दंगा अब आम हुआ,

उठो वीर जवानो भारत माता,

तुम्हे पुकार रही,

चण्ड बनो,दबंग बनो,

साहस और उमंग भरो,

देश के गद्दारों का,आतंकियो का,

हत्यारों का दम्भ तुम भंग करो,

भारत माता के सपूत तुम,

आज़ाद,भगत सिंह, सुभाष बनो,

गाँधी का विश्वास बनो,

पटेल की आस बनो,

उठो वीर जवानो भारत माता,

तुम्हे पुकार रही,

जन-जन से अपने लालों के,

लहू का बदला माँग रही ।।

Published in हिन्दी-उर्दू कविता

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