उम्मीदों का दीया जलाकर
इस आशा में बैठे हैं
कल सूरज खुशियाँ लाएगा
चाँद सजाकर बैठे हैं
उम्मीदों का दिया
Comments
8 responses to “उम्मीदों का दिया”
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Nice poem
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धन्यवाद
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Nice
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थैंक्स
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Nyc
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थैंक्स
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वाह
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बहुत सुंदर
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