उम्मीद

उम्मीद की लौ रोशन रहे,
ये जीवन जीने की चाह कहे।
ना हो कभी ना उम्मीद मनुज,
अवसाद की पीड़ा भी ना सहे।

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छत्तीसगढ़ के घायल मन की पीड़ा कहने आया हूँ।

मैं किसी सियासत का समर्थन नहीं करता हूँ। भ्रष्टाचार के सम्मुख मैं समर्पण नहीं करता हूँ॥ सरकारी बंदिस को मैं स्वीकार नहीं करता हूँ। राजनीति…

Responses

  1. अवसाद की बात करके आहत कर दिया आपने गीता दी..
    जीवन के प्रति आस जगाने वाली पंक्तियां

  2. वो मैं कह रही थी कि यदि उम्मीद हो तो अवसाद की पीड़ा नहीं होती है। लेकिन यदि ना उम्मीद हो तो फिर तो….. इसलिए उम्मीद का दामन ना छोड़ें, बस यही संदेश देना चाहती हूं

    💐आपकी प्यारी सी समीक्षा के लिए प्यार भरा धन्यवाद💐
    ऐसे ही अपनी सुंदर समीक्षाओं के साथ मिलती रहें।

  3. ना हो कभी ना उम्मीद मनुज,
    अवसाद की पीड़ा भी ना सहे।
    प्रेरणा देती हुई उच्चस्तरीय काव्य पंक्तियाँ

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