उसके दर्द को क्या करू बया

उसके दर्द को क्या करू बया …
उसकी रूह की  चीखें  गूंज रही …
उसके आसुओ का इन्साफ मागने वाले ….
उसे अपना  सकेगे ये वो खुद से  पूछ रही ….
उसे दिया जिस जिस ने दर्द …
उससे उस दर्द की वजह पूछ रही …
लड़की होने की मिली सजा या …
आजाद खयालो की थी अर्थी …
उसकी रूह की चीखे मेरे कानो में गूंज रही …
उसके दर्द को क्या करू बया  ….
मैं  भी  तो हूँ एक लड़की ……


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3 Comments

  1. Pankaj Garg - March 18, 2017, 9:49 pm

    Gr8…bahut khoob..

  2. Abhishek kumar - November 26, 2019, 2:49 am

    Nice

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