इस मंत्रमुग्ध सी बेला को आओ हसीं बनाते हैं
जात धर्म को तज करके हम तिरंगा धारी बन जाते हैं
मन में जब कोई मैल न होगा कौन हमें लड़ायेगा
विश्व गुरु बन कर भारत फिर सर्वश्रेष्ठ बन जाएगा।
एकता
Comments
8 responses to “एकता”
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Nice
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Thanks
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Nyc
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Thanks
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Nice
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Good
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Ji thank you
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वाह
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