Kanchan Dwivedi, Author at Saavan's Posts

पुनर्मिलन

अहम तोड़ दो दिल फिर से मिले धड़कनें तेज हुईं आंखों से बरसात हुई ऐसा लगा जैसे फिर से पहली मुलाकात हुई »

कोरोना को हराना है

एक जुनून ही हमें आगे ले जाएगा आगे की कहानी भी वही बताएगा मायूसी जाएगी नई सुबह फिर आएगी सन्नाटा जाएगा कल आज और आज कल बन जाएगा सन्नाटा चीर कर फिर से विश्व मुस्कुराएगा कुछ सीख देखकर यह दौर गुजर जाएगा।। »

विपदा की घड़ी

विपदा की घड़ी जब आती है हमें व्यवस्थित होना सिखाती है एकता का महत्व समझाती है अपने पराए में भेद बताती है धैर्य परिश्रम सहयोग समन्वय और अनुशासन का पाठ अवश्य पढ़ा जाती है विपदा की घड़ी जब आती है…. »

संदेश ख्वाबों का

रात की दीवार पर लिखा ख्वाबों का संदेश ए चंदा पहुंचा देना ‘अपने’ रहते परदेस….. »

नक्सलियों से कैसी हमदर्दी

माताओं ने लाल खो दिए बहनों ने फिर भाई, घर में छुपे दुश्मनों से कैसे जीतोगे लड़ाई? नक्सलियों के हमले से धरती लाल हो जाती है, फिर किसी घर मे कोई ज्योति बुझ जाती है नक्सलियों पर कार्रवाई हो तो अधिकार हनन हो जाता है शहीद जवान हो जाएं तब बुद्धिजीवी समाज सो जाता है ऐसे गद्दारों को मारो क्यों प्रहार ना करना जब उनकी निष्ठा खंडित है तो क्यों बचाव करना ….. »

जल खुद एक जीवन है

जल खुद एक जीवन है आओ इसे बचाते हैं फिर से भर जाएंगी नदियां आओ कदम उठाते हैं आज ही जब सब खो दोगे तो पीढ़ी को क्या सौंपोगे अपनी जिम्मेदारी का बोझ फिर किसके ऊपर थोपोगे अभी समय है जागो मानव थोड़े अच्छे काम करो जल खुद एक जीवन है इसको जीवन दान करो »

बीती शामें

दिल कोई तहखाना है जिसमें दफन हजारों यादें हैं कुछ खट्टी हैं कुछ मीठी हैं बीती शामो की बातें हैं »

बिछड़ा जमाना

उनसे बिछड़े जमाना हो गया है फिर से दिल बेगाना हो गया है नहीं बाकी रही ख्वाहिश कोई यही जिंदगी का अफसाना हो गया है। »

दो शब्द

एकता की खुशबू जब महकती तो सारी दुनिया चहकती है आओ एक काम करें आज का दिन देश के नाम करें। »

गौरैया

20 मार्च यानी गौरैया दिवस …. आज तुम्हारा दिवस है प्यारी गौरैया ,कहने को तुम घरेलू चिड़िया कहलाती हो लेकिन स्वार्थी मनुष्यों ने तुम्हें घर से बेघर कर के पेड़ों पर भी अपना स्वामित्व जता दिया है आज नि:शब्द सी तुम निराझार से तुम्हारे भाव हम संवेदनाहीन मनुष्यों से एक ही सवाल पूछते हैं कि “कहां जाएं हम ?”😞 »

जागरूकता ही बचाव है

यह दौर गुजर जाएगा इस वैश्विक आपदा के बावजूद हम इस पर विजय पाने में कामयाब अवश्य होंगे। भरोसा रखिए हमारे डॉक्टर कोविड -19 का इलाज और वैज्ञानिक निश्चय ही इसका मूल कारण खोज लेंगे तब तक एक जिम्मेदार व्यक्ति बनिए स्वयं और बाकियों की सुरक्षा सुनिश्चित करिए👍 स्वस्थ रहे सुरक्षित रहे 🙏 »

चलते जाना

कुछ साथी साथ निभाएंगे कुछ बीच रास्ते में छोड़ जाएंगे कुछ विश्वास तुम पर दिखाएंगे कुछ हर वक्त नीचा दिखाएंगे ना रुकना ना घबराना बस चलते जाना मिल जाएगी एक दिन मंजिल वहां खड़े होकर अपनी सफलता का परचम लहराना। »

गुलजार शामें

सभी को मयस्सर नहीं जिंदगी की गुलजार शामें किसी को जलते दिनों से भी काम चलाना पड़ता है…. »

तेरी बातें

तेरी बातें ही है जो एक उम्मीद से हमें तेरे पास ले आती हैं वरना सुकून -ए -जिंदगी तो हमें अकेले रहने में ही मिलता है…… »

किताब -ए -जिंदगी

किताब-ए- जिंदगी अपनी लिखी है पेन से हमने जिसे मिटाने की गुंजाइश कहां बख्शी है… »

सच्चाई

मां देख! पहले गांव छोटे थे अब शहर छोटे हो गए हैं पहले कमरे छोटे थे, अब घर छोटे हो गए हैं सच कहूं ! तो पहले लोग सच्चे थे अब अपने झूठे हो गए हैं…….. »

अपने

भरोसा अपना पर नहीं गैरों पर कर लीजिएगा जनाब “अपने” अपने कहलाने के लायक नहीं है। रूठना है तो खुद मान जाइएगा जनाब यहां कोई मनाने के लिए नहीं है। »

खुशबू तेरी

घुली है हवाओं में खुशबू तेरी शायद तेरे आने का पैगाम लाती है ना ठहरती है ना जाती है शायद दिल तोड़ने का सामान लाती है। »

सच्चे भारतीय

माना की नियत के कच्चे हो फिर भी कुछ तो मान करो आते हैं जो मेहमान देश में उनका ना अपमान करो सामान तो पार किया देश को भी बदनाम किया अपनी हरकतों से भारत को शर्मिंदा सरेआम किया आदतें बदलो महान बन जाओगे सच्चे भारतीय बन देश को आगे बढ़ आओगे। »

खामोशी

खामोशी भी एक सिलसिला -ए-गुफ्तगू ही है खैर छोड़ो तुम्हारे बस की बात नहीं……. »

नादानियां

मेरी नादानियों का सिला यह मिला हमको हम बदनाम हो गए और वह समझदार बने बैठे हैं…… »

बचपन के कुछ दिन

फिर से बचपन में लौटना है आज मुझे कुछ पल फुर्सत के जीना है आज मुझे मां की गोद में रखकर सिर सोना है आज मुझे बहन की चोटी खींच आज फिर दौड़ लगाना है छिपकर पापा के पीछे से उसे चिड़ाना है। »

तेरी अदा

तेरी अदा ने हमको दीवाना कर दिया मुझे मेरी ही दुनिया से बेगाना कर दिया आज सोचते हैं कि काश ना मिले होते तुझसे काश कि ना फना होते तुझपे। »

स्त्री की पहचान ।

ढो रही हूं एक बोझ सिर से लेकर पांव तक खोज रही हूं एक दिशा धूप से मैं छांव तक मीलों सा लंबा सफर जिंदगी का है मेरी फिर भी रुकी है वहीं जहां शुरू हुई थी घड़ी पहचान है क्या मेरी आज तक मैं ढूंढती, अबला होकर क्या है पाया आज तक मैं सोंचती “कौन हूं मैं ” आईने के सामने जाकर आज तक मैं पूछती खड़े होकर चौराहे पर हर नजर को झेलती हंसने वाली हर कली हर गली से पूछती कब मिलेगी? राह मेरी कब मुझे पहचान मे... »

एकता

इस मंत्रमुग्ध सी बेला को आओ हसीं बनाते हैं जात धर्म को तज करके हम तिरंगा धारी बन जाते हैं मन में जब कोई मैल न होगा कौन हमें लड़ायेगा विश्व गुरु बन कर भारत फिर सर्वश्रेष्ठ बन जाएगा। »

खामोशी से निकले ही नहीं।

खामोशी से निकले ही नहीं क्यों निराशशून्य है मन क्या लाई थी जो खोकर के यूं उदासीन है तन पलकों में जो सपने हैं वह शायद पूरे हो भी जाएं जब आज ही नहीं मेरा है तो कल के लिए क्यों घबराए। इस आत्म हीन काया को क्यों छोड़े ही नहीं यह मन क्या लाई थी जो खो करके यू उदासीन है तन हां लाई थी, मैं लाई थी एक छोटा सा बचपन। »

त्योहार मिलन का

बैर भाव से ऊपर उठकर आओ रंग लगाते हैं, होली है त्यौहार मिलन का मिलकर इसे मनाते हैं। »

रंगीन होली

बेरंग सी गोली को रंगीन बनाना है रूठे हुए अपनों को दोबारा मनाना है डेविड अकरम और गुरमीत लेकर सबको साथ सुजीत होगी पिचकारी से बौछार आज मनाएंगे त्योहार। गुजिया पापड़ और मठरी से स्वाद जमाना है बेरंग सी होली को रंगीन बनाना बनाना है । लाल लगेगा रीता को , पीला बहन सुनीता को काला छोड़ सभी रंगों में रंग जाना है बेरंग सी होली को रंगीन बनाना है । रंगों में सब रंग जाएंगे मन के मैल भी धुल जाएंगे । पत्थर बम बौछा... »

मुद्दत

मुद्दतों बाद वह घर आए हैं दिल तोड़ने के बाद पहली बार शहर आए हैं……. »

मोहब्बत का आशियाना

एक उनके खातिर हमने मोहब्बत का आशियाना बनाया था वो आए और ढहा कर चले गए…. »

परख

ऐ स्त्री तू खुश मत हो! यह सम्मान का वक्त गुजर जाएगा कल से हर रोज तुझे परखा जाएगा………. »

नारी तू अवतारी है

नारी तू अवतारी है देखने में तो एक है प्रतिक्षण रखती रूप अनेक है हर सांचे में ढल जाती है पल मे मां पत्नी बहन बेटी बन जाती है। तू त्याग की है मूर्ति समर्पण की प्रतिमूर्ति हे सृजन शक्ति तू महान है करते तुझको कोटि-कोटि प्रणाम है। »

नारी

तू मान है अभिमान है इस जग का पृतिमान बड़ी नेमतों से पृकृति ने संवारा है एक तुझे रच विधाता ने खुद को धरती पर उतारा है। »

दौर

अब तो दौर-ए -नफ़रत भी गुजर गया साहब मोहब्बत का जमाना तो हमे याद भी नहीं……….. »

शिद्दत

बड़ी शिद्ददत से लगे है वो हमे हराने मे हमे भी अब अंजाम का इंतजार है………. »

साथी हाथ बढ़ाएं

चल साथी हाथ बढ़ाएं ,मिलकर सबको पार लगाएं क्या हुआ जो कोई छोटा क्या हुआ जो कोई रूठा हम अपना कर्तव्य निभाएं मिलकर सबको पार लगाएं। कर्म पथ पर चलने वाले मन में बैर न रखते हैं अपनी जिम्मेदारी को ही अपना तप समझते हैं। उम्मीदों का दामन थामे सपनों का संसार पड़ा है छोटे छोटे सपने थामें खुशियों का अंबार खड़ा है खुशियां बांटे खुशियां पाएं क्यों दोष को मन में लाएं। चल साथी हाथ बढ़ाएं मिलकर सबको पार लगाएं। »

सहारा तिनके का

गहराई का आलम न पूछो दोस्त ! सहारा तिनके को है या तिनके का सहारा किसी को न मालूम……… »

खंजर

देख लिया जमाने के तसव्वुर को होठों पर मुस्कान और दिल में खंजर लिए घूमते हैं…….. »

नजर को नजर

नजर को भी नजर लग जाएगी उसकी नुमाइश इतना भी ना करो……. »

बेईमान बस्ती

क्या हुआ हम बेईमानों की बस्ती में है हमने अपना ईमान कहां भेजा है अभी तक। »

होली

चलो होली मनाते हैं सड़कों से पत्थर हटा कुछ गुलाल उड़ाते हैं चलो होली मनाते हैं। महरूम है बरसों से कोई बस्ती होली में वहां जाकर गुझिया पापड़ बांट आते हैं चलो होली मनाते हैं डर से बंद हो गई है खिड़कियां जिनकी प्रेम की थोड़ी बारिश से चलो उनको हंसाते हैं भूल कर सब कुछ चलो एक रंग में रंग जाते हैं चलो होली मनाते हैं चलो होली मनाते हैं । »

गलतियां

अपनी गलतियों का किस्सा ना हर बार दोहराएंगे, कह दिया अलविदा तुम्हें अब शायद ही लौट कर आएंगे । »

स्त्री हूं पतंग नहीं

ऐ पुरूष सुन! स्त्री हूं पतंग नहीं कि जिसकी डोर सदैव तुम्हारे हाथ में रहेगी……. »

काबिलियत

जाकर कहदो उनसे अपनी काबिलियत के चर्चे कहीं और सुनाए जाके अभी हम थोड़े नाकाम से हैं ……… »

जिंदगी में रंग

रंग भर लीजिए जिंदगी में क्योंकि रंग उड़ाने के लिए लोग हैं थोड़ा हंस लीजिए जिंदगी में क्योंकि रुलाने के लिए लोग हैं आजाद हो जाइए जिंदगी में क्योंकि कैद करने के लिए लोग हैं ।। »

वजह

वजह कुछ भी न थी हमारे जुदा होने की एक तो तू बेवफा थी, और मेरा इरादा भी अब वफा करने का नहीं था । »

दिलों का खेल।

दिलों का खेल मत खेलो न कोई इसमें जीता है। सभी बदनाम होते हैं, दर्द-ए-जाम पीते हैं मुनासिब अब यही होगा कोई दिल को लगाए ना, दिलों की दिल्लगी करके खुद को यूं सताए ना। »

सुना है

सुना है साथ छोड़कर जाने वाले आज अकेले हैं, कमबख्त मुझ में भी अब दोबारा धोखा खाने की हिम्मत कहां है…….. »

मरहम

बेहिसाब दर्द देकर मेरी रूह को वो मेरे ज़ख्मों पर मरहम लगाने आया है उससे पूछो मरहम ही है नमक छिड़कने तो नही आया है। »

बेघर मौसम

सड़के फैली, नदियां सिमटी क्या अच्छा संदेश गया घट गई सर्दी ,बढ़ गई गर्मी और भंवर में देश गया अपने कर्तव्यों से हटकर अपना हित ही सोंचा है चंद पैसों के खातिर भविष्य देश का बेचा है »

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