कर्म कसौटी

कर्म कसौटी ऐंसा है धर्म,
बीज के आधार पर देता फल,
बोया बबूल तो उगते कांटें,
फल मिलें आज नहीं तो कल।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी

Related Articles

विनती

मिले काँटे या मुझको फूल। पर हो मेरे अनुकूल।। इतना सुख न देना स्वामी जो मुझ में अभिमान जगाए। इतना दुख न देना मालिक जो…

Responses

New Report

Close