कविता में भाव

वो कहते हैं तुम्हारी कविता में
भाव नहीं हैं
मैं क्या जवाब दूं
जब दिल ही नहीं हैं !!

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जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

  1. दिल में भाव है तो कविता में प्रभाव है। बाँकी वो क्या समझे जिसके दिल और दिमाग में घाव है।। अतिसुंदर

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